टीम में कम से कम 16 और अधिक से अधिक 27 खिलाड़ी शामिल किये जाएंगे। टीमों को 'राइट टू मैच' का अधिकार भी दिया गया है, जिसके द्वारा बोली की प्रक्रिया पूरी होने पर टीमें अपने खिलाड़ी को दोबारा तय बोली पर खरीद सकती हैं। बोली प्रक्रिया के बाद फ्रेंचाइजी से पूछा जाएगा कि क्या वह अपने खिलाड़ी को वापस लेना चाहती हैं तो तय दाम पर खरीद सकती हैं।
खास बात यह होगी कि आईपीएल के इस सत्र में खिलाडि़यों को रूपयों में भुगतान किया जाएगा, विदेशी खिलाडि़यों को यह छूट होगी कि वह अपनी पसंद की मुद्रा में पैसे ले सकें। चैम्पियंस लीग में अपनी टीम की तरफ से खेलने वाले खिलाड़ी को दस फीसदी अतिरिक्त फीस दी जाएगी।
आईपीएल की एक टीम में विदेशी खिलाडि़यों की संख्या चार ही रहेगी। आईपीएल आयोजकों के पास इस बार टूर्नामेंट की साख वापस लाना भी एक चुनौती होगी। गौर हो कि आईपीएल के पिछले सत्र में स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल के बाद टूर्नांमेंट से लोगों का मोह भंग हो गया था।