
आईपीएल का बायोबबल सबसे खराब
सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से बात करते हुए जंपा ने आईपीएल को बीच में छोड़कर जाने के कारण का खुलासा करते हुए कहा कि वह अपनी जिंदगी के सबसे खराब बायोबबल का हिस्सा थे। उनका मानना है कि आईपीएल को पिछले साल की तरह इस साल भी यूएई में ही आयोजित कराना चाहिये था।
जंपा ने कहा,'हम अब तक कई सारे बायो बबल का हिस्सा रह चुके हैं और मुझे लगता है कि आईपीएल का बायोबबल शायद सबसे ज्यादा नाजुक था क्योंकि यह भारत है। हम जब भी भारत जाते हैं तो हमें हाइजिन और सफाई को लेकर अतिरिक्त ध्यान देने की बात कही जाती है। मुझे बस ऐसा महसूस हुआ कि यह सबसे आसानी से चपेट में आना वाला बायोबबल था।'

यूएई में ही होना चाहिये था आईपीएल
इस बीच जंपा ने आईपीएल को भारत के बजाय दुबई में ही आयोजित कराये जाने की बात कही और कहा कि वहां पर हम ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे थे।
उन्होंने कहा,'जब 6 महीने पहले दुबई में आईपीएल का आयोजन किया गया था तह हमें ऐसा महसूस नहीं हुआ था। वहां पर हमने काफी सुरक्षित महसूस किया था। मेरी निजी राय है कि यूएई में इसका आयोजन ज्यादा बेहतर विकल्प होता। लेकिन जाहिर है कि इससे काफी राजनीतिक चीजें जुड़ी होती हैं। भारत में इस साल के अंत में टी20 विश्व कप का आयोजन होना है, जाहिर तौर पर वह क्रिकेट की दुनिया में अगला चर्चा का विषय होने जा रहा है। 6 महीने काफी लंबा समय है।'

मौत की कगार पर हो तो क्रिकेट की फिक्र किसी को नहीं होती
जंपा ने इस दौरान कहा कि उन्हें पैसों के नुकसान का कोई गम नहीं है क्योंकि वह अपनी मानसिक हेल्थ को प्राथमिकता देते हैं।
उन्होंने कहा,'बहुत सारे लोग इस समय कह रहे हैं कि आईपीएल के यह मैच घरों में बंद लोगों के लिये राहत का माध्यम बने हैं लेकिन इस पर भी मेरी निजी राय है। अगर किसी के परिवार का कोई सदस्य मौत से जंग लड़ रहा हो तो उसके आस-पास के किसी भी आदमी को क्रिकेट की नहीं पड़ी होगी। मुझे बस वहां से निकलने की जरूरत महसूस हुई, जाहिर तौर पर यह मेरे लिये आर्थिक बलिदान होगा लेकिन मेरे नजरिये से मैं अपनी मेंटल हेल्थ को पहले रखता हूं, उसका ठीक रहना जरूरी था।'

एक भी मैच में नहीं मिला खेलने का मौका
गौरतलब है कि एडम जंपा को इस सीजन खेले गये मुकाबलों में टीम में एक बार भी मौका नहीं मिला। 1.5 करोड़ की कीमत में आरसीबी से जुड़ने वाले जंपा ने आईपीएल को छोड़ने के कई कारण बताये।
उन्होंने कहा,'जाहिर है कोविड की परिस्थिति वहां पर काफी गंभीर है। मुझे ट्रेनिंग और बाकी चीजें करना सिर्फ पत्थर पर सिर मारने जैसा महसूस हो रहा था। टीम की प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिलने के चलते मुझे किसी भी तरह की मोटिवेशन भी नहीं मिल रही थी। बायोबबल की थकान के अलावा कई चीजें थी जो प्रभावित कर रही थी, ऐसे में जब मुझे यह खबर पता लगी तो मैंने सोचा यही डिसीजन लेने का सही समय है।'


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