IPL 2021 Why Vivo Gets Title Sponsorship back for Season 14 Amid on going India china dispute: नई दिल्ली। दुनिया की सबसे मशहूर क्रिकेट टी20 लीग आईपीएल के 14वें सीजन के लिये गुरुवार को चेन्नई में खिलाड़ियों की नीलामी का आयोजन किया गया। इस नीलामी के दौरान जहां सभी टीमों ने कई खिलाड़ियों पर बिड वॉर जीतकर अपने-अपने खेमे में शामिल करने का काम किया तो वहीं पर गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष ब्रजेश पटेल ने नीलामी के दौरान आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप को लेकर बड़ा ऐलान किया। ब्रजेश पटेल ने नीलामी का आगाज करने से पहले जानकारी देते हुए बताया कि इस साल की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिये वीवो वापसी कर रहा है और आधिकारिक रूप से इसे वीवो आईपीएल 2021 बुलाया जायेगा।
पटेल के इस ऐलान के बाद कई सवाल उठने लगे कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ जिसके चलते वीवो आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिये वापसी कर रहा है। दरअसल पिछले साल गलवान वैली में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते तल्ख हो गये थे और इसी को देखते हुए भारत में चीनी कंपनियों के बहिष्कार की मांग की जा रही थी।
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वीवो ने इसी विवाद के चलते पिछले सीजन टाइटल स्पॉन्सरशिप से खुद को अलग कर लिया था और बाद में ड्रीम इलेवन को एक साल के लिये इसका करार मिल गया था। वहीं मौजूदा हालात में भी भारत और चीन के बीच राजनीतिक संबंध तल्ख ही नजर आते हैं लेकिन इस बार वीवो ने टाइटल स्पॉन्सरशिप में वापसी करने का फैसला किया है।
हालांकि रिपोर्ट की मानें तो वीवो इस साल भी नये स्पॉन्सर की तलाश में था जिसके लिये वह ट्रांसफर ऑफ राइटस का इस्तेमाल करना चाह रहा था। इसके तहत जो भी कंपनी वीवो से आईपीएल 2021 के टाइटल स्पॉन्सर लेना चाहती थी उसे वीवो को वो रकम मुहैया कराकर अधिकार खरीद लेने थे। ऐसे में ड्रीम 11 और अनकेडमी का नाम सबसे आगे था।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार बीसीसीआई के एक सूत्र ने वीवो के वापस आने के पीछे का कारण बताया कि ड्रीम 11 और अनएकेडमी की तरफ से दी जाने वाली रकम को लेकर वीवो संतुष्ट नहीं थी, इसी के वजह से वीवो ने अंत में स्पॉन्सरशिप के अधिकार अपने पास रखने का फैसला किया।
आपको बता दें कि वीवो ने साल 2016 में बीसीसीआई से लगभग 2200 करोड़ में टाइटल स्पॉन्सरशिप खरीदी थी और यह उसके करार का आखिरी साल है। बीसीसीआई अगले साल एक बार फिर से टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिये आवेदन मंगायेगी।