नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन की तैयारियों जोरों पर है जिसकी नीलामी का आयोजन पहले दिसंबर के आखिरी हफ्ते और जनवरी के पहले हफ्ते में किया जाना था, हालांकि अगले सीजन में शामिल होने वाली दो नई टीमों में शुमार अहमदाबाद की फ्रैंचाइजी के साथ मालिकाना हक पर जारी विवाद के चलते मेगा नीलामी को फरवरी के दूसरे हफ्ते तक के लिये टालना पड़ा। उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने आईपीएल 2022 के लिये 2 नई टीमों को शामिल किया है जिसमें संजीव गोयंका के आरपीएसजी ग्रुप ने 7090 करोड़ रुपये खर्च कर लखनऊ की टीम को खरीद लिया है, तो वहीं पर अमेरिकन कंपनी सीवीसी कैपिटल ने अहमदाबाद की फ्रैंचाइजी को 5625 करोड़ रुपये में खरीदा था।
हालांकि 48 घंटे में सीवीसी कैपिटल की टीम को लेकर विवाद शुरू हो गया जिसमें उसके बेटिंग कंपनियों में निवेश की बात सामने आने के बाद उसे बीसीसीआई की तरफ से लेटर ऑफ इंटेट नहीं दिया जा रहा था। लेकिन अब बीसीसीआई की ओर से क्लियरेंस मिल गया है। रिपोर्ट की मानें तो बीसीसीआई की जांच समिति ने सीवीसी कैपिटल के निवेश की जांच की।
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जस्टिस केएस राधाकृष्णनन के अध्यक्ष वाली 3 सदस्यीय जांच समिति ने इसको लेकर अपनी रिपोर्ट जमा की है। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल और बीसीसीआई ने इस अमेरिकी कंपनी की भागीदारी को लेकर हरी झंडी दे दी है।
क्रिकबज ने अपनी रिपोर्ट में इस मामले से जुड़े सूत्र से बात करते हुए कहा,'सीवीसी को लेकर बीसीसीआई ने एक राय मांगी थी, जिसको लेकर पैनल ने अपनी राय दी है। इस राय के साथ ही समिति की इस मामले में भागीदारी खत्म हो गई है, हालांकि अब यह बीसीसीआई के ऊपर है तो वो इसे मान ले या रिजेक्ट कर दे। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ऑफिस बीयरर्स ने पहले ही अमेरिकी कंपनी को क्लियरेंस दे दिया है अब बस आधिकारिक ऐलान का इंतजार है जो अगले कुछ दिनों में आ सकती है।
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आपको बता दें कि आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने 2022 के मेगा ऑक्शन के लिये 12 से 13 फरवरी की तारीख का चयन किया है और इसका आयोजन बैंगलोर में किया जायेगा। इतना ही नहीं बीसीसीआई के मीडिया राइटस की डील के लिये बाहरी एजेंसी केपीएमजी को हायर किया है।