नई दिल्ली। शुक्रवार को क्रिकेट जगत के लिए अभिशाप बने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में देश की सर्वोच्च अदालत ने मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट पर सुनवाई की। कहा जा रहा है कि मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में जिन लोगों का नाम है उसमें पांच अधिकारी और तीन खिलाड़ी शामिल हैं।
हालांकि कोर्ट ने साफ कहा है कि अभी फिक्सिंग मामले में खिलाड़ियों का रोल स्पष्ट नहीं इसलिए उनके नाम उजागर नहीं हो सकते हैं इसलिए इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। इस रिपोर्ट में मयप्पन, राज कुंद्रा, सुंदर रमन, स्टूअर्ट बिन्नी और एन श्रीनिवासन का नाम सामने है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि बीसीसीआई के चुनाव पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगी।
होगें बीसीसीआई के चुनाव
अगर जांंच में पांचो लोग दोषी पाये जाते हैं तो हो सकता है कि श्रीनिवासन को अपने सारे अधिकार खोने पड़े और फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के लविंग पति राज कुंद्रा की भी राजस्थान रॉयल्स से फ्रेंचायजी खत्म हो जायेगी क्योंकि नियम है कि अगर किसी भी टीम से जुड़ा अधिकारी गलत हरकतों में लिप्त पाया जाता है तो उसकी फ्रेंचायजी को बर्खास्त कर दिया जाएगा, ऐसे में आने वाले समय में राज कुंद्रा के साथ परेशानी खड़ी हो सकती है।
इससे पहले साल 2013 में दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने यह सनसनीखेज खुलासा करके सबको चौंका दिया था कि राजस्थान रॉयल्स टीम के मालिक राज कुंद्रा सट्टेबाजी में शामिल रहे हैं। इन सबके अलावा जो खास बात थी वो ये थी कि राज कुंद्रा के साथ ही साथ उनकी पत्नी और कंपनी की को-ओनर शिल्पा शेट्टी भी सट्टेबाजी किया करती थीं। लेकिन नीरज पांडे ने कहा था कि राज कुंद्रा ने यह माना था कि वो बेटिंग करते थे लेकिन वो स्पॉटफिक्सिंग नहीं किया करते थे।
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इसके बाद बीसीसीआई ने राज कुंद्रा को स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच पूरी होने तक क्रिकेट सम्बंधित सभी गतिविधियों से निलम्बित कर दिया था। जिस पर राज कुंद्रा ने नाराज होकर कहा था कि बीसीसीआई उन्हें बलि का बकरा बनाया है। कुंद्रा के मुताबिक बीसीसीआई ने आईपीएल में सट्टेबाजी के अप्रत्यक्ष आरोपों के आधार पर उन्हें निलम्बित किया है, जो गलत है और वह इसका विरोध करते हैं। कुंद्रा ने कहा था कि एनआरआई होते हुए अगर वह सट्टेबाजी करना चाहते तो उनके लिए यह काम बहुत आसान था क्योंकि विदेश में रहकर वह आईपीएल मैचों पर सट्टा लगा सकते थे, जहां यह वैध है।
खैर अब सबकी नजर 24 नवंबर पर है जब इस मामले पर अगली सुनवाई होगी लेकिन तब तक तो शायद मयप्पन, राज कुंद्रा, सुंदर रमन, स्टूअर्ट बिन्नी और एनश्रीनिवासन को नींद नहीं आयेगी।