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नई दिल्ली, 3 नवंबर: अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में दस विकेट झटकने वाले विश्व के दूसरे गेंदबाज अनिल कुंबले ने अपने क्रिकेट करियर की पारी की घोषणा करने के बाद यह माना कि खेल से सन्यास लेना आसान नहीं होता।
सन्यास की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत में कुंबले ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने से पहले उन्होंने गहराई में जाकर सोचा और फिर फैसला लिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला बेहद कठिन था। कुंबले ने कहा कि उन्होंने अपने शरीर के कहने पर सन्यास लिया। चोट के कारण यह कठिन फैसला उन्होंने लिया।
कुंबले के मुताबिक वे जानते थे कि पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण वे नागपुर में नहीं खेल सकेंगे लिहाजा उन्होंने तीसरे टेस्ट के बाद ही अपनी पारी घोषित कर दी।
बकौल कुंबले, 'मैं पूरी तरह फिट नहीं हूं। मेरा नागपुर में खेलना तय नहीं था। मैं 100 प्रतिशत फिट रहे बगैर खेल नहीं सकता। मैंने कभी भी ऐसा नहीं किया है। इसी बात ने मुझे संन्यास के लिए प्रेरित किया।'
कुंबले ने कहा कि संन्यास लेने के लिए दिल्ली मेरे लिए सबसे उपयुक्त जगह है। इस मैदान ने मुझे काफी खुशी दी है। यहां मैंने एक पारी में 10 विकेट लेने का गौरव हांसिल किया, जो आज भी मेरे रिकार्डबुक में स्वर्ण अक्षरों में लिखा है।
आईपीएल में खेलेंगे कुंबले
कुंबले ने कहा कि वे बेंगलुरू रॉयल चैलेंजर्स टीम के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में ट्वेंटी-20 क्रिकेट खेलते रहेंगे। आईपीएल के साथ उनका तीन साल का करार है।
कुंबले ने कहा कि वे अंतिम टेस्ट मैच के लिए नागपुर जाएंगे लेकिन एक खिलाड़ी के तौर पर नहीं बल्कि एक साथी के तौर पर क्योंकि वहां सौरव गांगुली अपने करियर का आखिरी टेस्ट खेलेंगे जबकि वी.वी.एस. लक्ष्मण अपने करियर में टेस्ट मैचों का सैकड़ा पूरा करेंगे।
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Story first published: Monday, November 3, 2008, 12:47 [IST]
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Nov 3, 2008