आईपीएल कुछ ही वर्षों में बड़ा कारोबार बन गया
कोच्चि की टीम इंडियन प्रीमियर लीग के चौथे संस्करण में खेलेगी. मालिकाना हक़ को लेकर चल रहे विवाद के कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कोच्चि की टीम पर सवालिया निशान लगा दिया था.
बोर्ड ने कोच्चि की टीम के निवेशकों से कहा था कि वे जल्द से जल्द मालिकाना हक़ को लेकर अपना विवाद ख़त्म करें. बोर्ड ने कोच्चि टीम को अपना विवाद हल करने के लिए कई मौक़े दिए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रविवार को मुंबई में आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में कोच्चि की टीम को आईपीएल-4 में खेलने की अनुमति मिल गई. कोच्चि की टीम के मालिकों के बीच समझौते के बाद ऐसा संभव हो पाया है.
पिछले दिनों कोच्चि की टीम के मालिकाना हक़ को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. इसी विवाद के कारण शशि थरूर को अपना मंत्री पद गँवाना पड़ा था.
जबकि इसी विवाद की छाया में आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी का भी पत्ता साफ़ हुआ था.
कोच्चि में विवाद ये था कि इसके निवेशक एंकर अर्थ, पारिनी डेवलपर्स, रोज़ी ब्लू और फ़िल्म वेव के पास 74 प्रितशत शेयर है जबकि बाक़ी 26 प्रतिशत गायकवाड़ परिवार के पास हैं.
ये 26 प्रतिशत शेयर रॉन्देवू स्पोर्ट्स के मालिकों से गायकवाड़ परिवार ने बोली लगाने में अपनी सेवा के बदले मुफ़्त में हासिल किया था. लेकिन कोच्चि में निवेश करने वाले किसी हाल में गायकवाड़ परिवार को ये मुफ़्त शेयर देने के हक़ में नहीं थे.
अब गायकवाड़ परिवार अपना 15 प्रतिशत शेयर वापस करने को तैयार हो गया है और इसी आधार पर मालिकों के बीच समझौता हुआ है. साथ ही सुनंदा पुश्कर ने अपना शेयर वापस कर दिया है.
जनवरी में आईपीएल के खिलाड़ियों की नीलामी होनी है और क्रिकेट विश्व कप के बाद आईपीएल टूर्नामेंट का आयोजन होने वाला है.