नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन के आयोजन में जुटे बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और इस लीग में 4 साल बाद प्लेऑफ के लिये क्वालिफाई करने वाली आरसीबी की टीम के कप्तान विराट कोहली को कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई बेंच ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों को ऑनलाइन फैंटेसी लीग पर आधारित एप्स का प्रचार करने के आरोप में नोटिस जारी किया है। जस्टिस एन किरुबकरान और बी पुग्लेनिधि की बेंच की ओर से जारी किये गये इस नोटिस पर विराट कोहली और सौरव गांगुली को 15 दिन के अंदर अपना जवाब दायर करना है।
वहीं इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा कुछ अभिनेताओं को भी इसी मामले में नोटिस जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि मोहम्मद रिजवी नाम के एक वकील की ओर से मद्रास हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें फैंटेसी लीग पर आधारित एप्स में पैसा लगाकर हारने के बाद कुछ लोगों की आत्महत्या के बारे में बात की गई है।
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बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सवाल किये और पूछा कि क्या यह एप्स लीग में खेलने वाली टीमों के नाम पर हैं या फिर सभी राज्यों के नाम से इन एप्स को चलाया जा रहा है। क्या यह टीमें राज्य की ओर से खेलती हैं।
गौरतलब है कि याचिका में इन एप मालिकों पर प्रचार के लिये करोड़ों रुपया लेने वाले सेलिब्रिटीज का इस्तेमाल कर लोगों को उकसाने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नहीं है जब विराट कोहली के खिलाफ इस तरह का मामला दर्ज किया गया है, इससे पहले अगस्त में भी चेन्नई के एक वकील ने कप्तान कोहली के खिलाफ इसी तरह की याचिका दायर की थी।
अगस्त में कोहली के खिलाफ दायर किये गये मामले में उन पर ऑनलाइन जुआ प्रमोट करने के लिये बैन लगाने और गिरफ्तारी करने की मांग की था। याचिका में कहा गया था कि जुये की लत समाज के लिये काफी खतरनाक है और संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का उल्लंघन करती है।
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आपको बता दें कि सौरव गांगुली और विराट कोहली समेत खेल जगत की कई मशहूर हस्तियां ऐसी फैंटेसी एप्स का प्रमोशन करती नजर आती है जिसमें टीम बना कर पैसा कमाने की बात की जाती है। आईपीएल मैच के दौरान टीवी पर ऐसे विज्ञापन देखे जा सकते हैं। कोर्ट ने इन खिलाड़ियों को नोटिस का जवाब देने के लिये 19 नवम्बर तक वक्त दिया है।