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चेन्नई, 31 मार्चः गेंदबाजों की कब्रगाह बनी पिच पर नील मैकेंजी के नाबाद 155 रन के बीच भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहला क्रिकेट टेस्ट अपेक्षाओं के अनुकूल ड्रा रहा. इसे वीरेंद्र सहवाग के आतिशी तिहरे शतक के लिये याद रखा जायेगा.
पहली पारी में 94 रन बनाने वाले बत्तीस बरस के मैकेंजी ने एम ए चिदंबरम स्टेडियम की मुर्दा पिच पर एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी का नमूना पेश किया. पांचवें दिन भी पिच से गेंदबाजों को कोई मदद नहीं मिल सकी. भारत के लिये गेंदबाजों का चमत्कारिक प्रदर्शन जीत की कुंजी हो सकता था लेकिन पिच उनके लिये खलनायर्कं साबित हुई.
मैच ड्रा होने से पहले दक्षिण अफ्रीका ने पांच विकेट पर 331 रन बना लिये थे. कल के स्कोर एक विकेट पर 131 रन से आगे खेलते हुए मैकेंजी और हाशिम अमला(81) ने सुबह के सत्र में भारतीय गेंदबाजों को मैच का रूख किसी नतीजे की ओर करने का कोई मौका नहीं दिया.
भारतीयों ने जाक कालिस(19), एशवैल प्रिंस(पांच) और एबी डिविलियर्स(11) जैसे बल्लेबाजों को सस्ते में आउट जरूर किया लेकिन मैकेंजी ने 445 मिनट तक एक छोर संभाले रखा. दोनों टीमों ने पांच दिन के भीतर 1498 रन बनाये और बल्लेबाजी के कई नये रिकार्ड बने.
दूसरा टेस्ट तीन अप्रैल से अहमदाबाद में खेला जायेगा.
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Story first published: Monday, March 31, 2008, 12:13 [IST]
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Mar 31, 2008