
आईपीएल के बढ़ने से क्रिकेट पर पड़ेगा दुष्प्रभाव
माइकल एथर्टन ने आईपीएल से होने वाली कमाई पर बात करते हुए कहा कि अगर आईपीएल में ज्यादा टीमें खेलेंगी तो ज्यादा विदेशी खिलाड़ियों को भाग लेने का मौका मिलेगा। ऐसे में लीग मैचों से होने वाली कमाई को देखते हुए ज्यादातर खिलाड़ी इसका हिस्सा बनने की कोशिश करेंगे। अगर इसी तरह से लीग क्रिकेट को बढ़ावा मिलता रहा तो खिलाड़ी पैसों के लिये अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से पहले लीग मैच खेलते नजर आयेंगे और इसका खामियाजा क्रिकेट के सबसे कमजोर पक्ष को भुगतना पड़ेगा।
द टाइम्स के लिये लिखे गये कॉलम में एथर्टन ने लिखा,'आईपीएल में 10 टीमों के आने से काफी बड़े स्तर पर प्रभाव देखने को मिलेंगे। जाहिर सी बात है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में जिस तरह से अभी फ्रैंचाइजी क्रिकेट का ध्यान रखते हुए आईपीएल को 2 महीने का विंडो दिया गया है वह मैचों की संख्या बढ़ जाने के बाद नियमित कर पाना आसान नहीं होगा। भारत अब आईपीएल के लिये ज्यादा बड़ी विंडो की मांग करेगा और क्या पता फ्रैंचाइजी मालिक लीग को दो हिस्सों में करवाने की मांग करें। क्रिकेटर्स पैसे का पीछा करेंगे और अगर क्रिकेट की मार्केट को ऐसे ही नजरअंदाज किया जाता रहा तो जल्द ही क्रिकेट के कमजोर पक्ष पर प्रभाव देखने को मिलेगा।'

बर्बाद हो जायेगा टेस्ट क्रिकेट
माइकल एथर्टन का मानना है कि अगर ऐसे ही लीग क्रिकेट को बढ़ते हुए छोड़ा गया तो छोटे देश के टेस्ट क्रिकेट जिनकी टीवी मार्केट काफी कमजोर है वह लगभग बर्बाद हो जायेंगे। खिलाड़ी और उनके मुख्य नियोक्ताओं (एम्प्लॉयर्स) के बीच विवाद बढ़ेगा और जिस तरह से न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने सच्चाई कबूल कर ली है वैसी ही परिस्थिति में अन्य क्रिकेट बोर्ड भी पहुंच जायेंगे। उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को खेल के लिये चयन का अधिकार दिया हुआ है और वो अपने हिसाब से चीजें तय कर सकते हैं।
एथर्टन ने आगे बात करते हुए कहा कि आईपीएल में टीमों के बढ़ने का मतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का शेड्यूल काफी परेशानी में पहुंच जायेगा। उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड दौरे पर पहुंची भारतीय टीम ने टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच कोरोना वायरस के चलते खेलने से मना कर दिया था लेकिन कई पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर्स ने इसे आईपीएल से जोड़ा था।

आईपीएल में खेलने से चोटिल हुए इंग्लैंड के दो बड़े खिलाड़ी
माइकल एथर्टन ने इस पर बात करते हुए खिलाड़ियों की चोट का उदाहरण दिया और कहा कि आईपीएल में लगी चोट के चलते इंग्लैंड के दो प्रमुख खिलाड़ी टी20 विश्वकप में नहीं खेल पाये हैं।
उन्होंने कहा,' टी20 विश्वकप में इंग्लैंड की टीम अपने दो सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त खिलाड़ियों के बिना खेल रहा है जिन्हें आईपीएल के दौरान चोट लगी थी, अब ऐसी स्थिति पर आप क्या कहेंगे। आईपीएल में खेलने से खिलाड़ियों को ज्यादा स्ट्रेस से गुजरना पड़ता है और उनके चोटिल होने की संभावना बढ़ जाती है। आईपीएल और सैटेलाइट टूर्नामेंट के बढ़ जाने से इसे रोक पाना काफी मुश्किल हो गया है। हालांकि जिस खेल में सिर्फ निवेशकों की बात की जाये और उससे मिलने वाले फायदे पर ध्यान दिया जाये तो हम खेल की सबसे अहम चीजों को खो देंगे।'


Click it and Unblock the Notifications
