'मुरलीधरन और मेंडिस से निपटना ज़रुरी'
श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट मैच में मुथैया और मेंडिस ने मिलकर दोनों पारियों में भारतीय टीम के कुल 19 बल्लेबाज़ों को पवेलियन की राह दिखाई थी.
भारतीय टीम के कप्तान अनिल कुंबले का कहना है कि दूसरे टेस्ट में जीतने के लिए उनकी टीम को इन दोनों गेंदबाज़ों पर पार पाना होगा.
हमारा प्रदर्शन इन दोनों स्पिनरों के आगे अच्छा नहीं रहा. हमने उनके आगे हथियार डाल दिए. ऐसा नहीं है कि पहले हम किसी मैच में वापसी नहीं कर सके हैं. बस हमें एकजुट होना होगा. लेकिन हमें मुरलीधरन और मेंडिस से कैसे निपटना है इस पर काफ़ी सोच-विचार करना होगा.
ऑफ़ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने इस मैच में 11 विकेट झटके और वो मैन ऑफ़ द मैच भी रहे.
अपना पहला टेस्ट खेल रहे अजंता मेंडिस की फ़िरकी भी भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए पहेली बनी रही. मेंडिस ने 8 विकेट लिए.
मुरलीधरन के आंकड़े पहली पारी 29 ओवर में 84 रन देकर 5 विकेट दूसरी पारी 13 ओवर में 26 रन देकर 6 विकेट
दोनों स्पिनरों की गेंदबाज़ी की धार का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्रीलंकाई टीम ने अपनी दोनों पारियों में कुल 117.5 ओवर फेंके और इसमें से 87.5 ओवर अकेले इस जोड़ी ने डाले.
मुथैया मुरलीधरन का ये इक्कीसवाँ मौक़ा था जब उन्होंने एक टेस्ट मैच में किसी टीम के 10 बल्लेबाज़ों को आउट किया हो.
मुरलीधरन का टेस्ट मैचों में ये उन्नीसवाँ मैन ऑफ़ द मैच रहा. वो अब दक्षिण अफ़्रीका के जॉक कैलिस बाद दूसरे सबसे ज़्यादा मैन ऑफ़ दे मैच लेने वाले खिलाड़ी हैं. कैलिस 20 मैन ऑफ़ दै मैच का ख़िताब ले चुके हैं.
अजंता मेंडिस का ये पहला टेस्ट मैच था और इसमें उन्होंने कमाल कर दिया. उन्होंने 132 रन देकर आठ भारतीय बल्लेबाज़ों को आउट किया.
अपने इस प्रदर्शन के बाद मेंडिस टेस्ट मैचों में शुरुआती मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अब तक के सबसे अच्छे खिलाड़ी बन गए हैं.
खराब क्षेत्ररक्षण से ख़फ़ा कुंबले
अनिल कुंबले ने इस बात पर भी अफ़सोस जताया कि भारतीय टीम ने पहली पारी में श्रीलंका के बल्लेबाज़ों के काफ़ी कैच छोड़े और जिसकी वजह से वो 600 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने में कामयाब हुआ.
स्कोर बोर्ड पर 600 रन का स्कोर काफ़ी बड़ा होता है. जब 100 रन पर श्रीलंका के दो विकेट थे उस वक्त हमारे पास एक अच्छा मौक़ा था. हमने कुछ कैच छोड़े. वार्नापुरा का कैच छूटा, महेला जयवर्धने का कैच दो बार छूटा. इस सब के अलावा शुरू में पिच सूखी थी और ऐसे में पहले गेंदबाज़ी करना मुश्किल होता है.
मेंडिस के आंकड़े पहली पारी 27.5 ओवर में 72 रन देकर 4 विकेट दूसरी पारी 13 ओवर में 26 रन देकर 6 विकेट
कुंबले ने कहा, हमारे लिए पूरे मैच के दौरान कुछ भी अच्छा नहीं रहा. रणनीति के अलावा हमें क्षेत्ररक्षण(फ़ील्डिंग) अच्छी करनी होगी.
भारतीय टीम के कप्तान को इस बात का भी अफ़सोस है कि तीसरे अंपायर की तरफ़ की गई अपीलें भी उनके पक्ष में नहीं गईं.
ग़ौरतलब है कि मैच के दौरान मैदान के अंपायरों के निर्णयों को भारतीय टीम ने तीसरे अंपायर के पास दोबारा राय लेने के लिए अपील की थी. लेकिन तीसरे अंपायर के निर्णय से भी भारतीय टीम को कोई फ़ायदा नहीं पहुँचा.
तीसरे अंपायर ने मुख्य अंपायर के निर्णयों को बरक़रार रखा था.
कुंबले ने कहा, नई 'रेफ़रल प्रणाली' से हमारी अपीलें खारिज हो गईं. इस नई प्रणाली के बारे में हमें काफ़ी सोचना होगा. लेकिन इसके बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाज़ी होगी.
भारतीय टीम के कप्तान अनिल कुंबले का कहना है कि दूसरे टेस्ट में जीतने के लिए उनकी टीम को इन दोनों गेंदबाज़ों पर पार पाना होगा.
हमारा प्रदर्शन इन दोनों स्पिनरों के आगे अच्छा नहीं रहा. हमने उनके आगे हथियार डाल दिए. ऐसा नहीं है कि पहले हम किसी मैच में वापसी नहीं कर सके हैं. बस हमें एकजुट होना होगा. लेकिन हमें मुरलीधरन और मेंडिस से कैसे निपटना है इस पर काफ़ी सोच-विचार करना होगा.
ऑफ़ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने इस मैच में 11 विकेट झटके और वो मैन ऑफ़ द मैच भी रहे.
अपना पहला टेस्ट खेल रहे अजंता मेंडिस की फ़िरकी भी भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए पहेली बनी रही. मेंडिस ने 8 विकेट लिए.
मुरलीधरन के आंकड़े पहली पारी 29 ओवर में 84 रन देकर 5 विकेट दूसरी पारी 13 ओवर में 26 रन देकर 6 विकेट
दोनों स्पिनरों की गेंदबाज़ी की धार का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्रीलंकाई टीम ने अपनी दोनों पारियों में कुल 117.5 ओवर फेंके और इसमें से 87.5 ओवर अकेले इस जोड़ी ने डाले.
मुथैया मुरलीधरन का ये इक्कीसवाँ मौक़ा था जब उन्होंने एक टेस्ट मैच में किसी टीम के 10 बल्लेबाज़ों को आउट किया हो.
मुरलीधरन का टेस्ट मैचों में ये उन्नीसवाँ मैन ऑफ़ द मैच रहा. वो अब दक्षिण अफ़्रीका के जॉक कैलिस बाद दूसरे सबसे ज़्यादा मैन ऑफ़ दे मैच लेने वाले खिलाड़ी हैं. कैलिस 20 मैन ऑफ़ दै मैच का ख़िताब ले चुके हैं.
अजंता मेंडिस का ये पहला टेस्ट मैच था और इसमें उन्होंने कमाल कर दिया. उन्होंने 132 रन देकर आठ भारतीय बल्लेबाज़ों को आउट किया.
अपने इस प्रदर्शन के बाद मेंडिस टेस्ट मैचों में शुरुआती मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अब तक के सबसे अच्छे खिलाड़ी बन गए हैं.
खराब क्षेत्ररक्षण से ख़फ़ा कुंबले
अनिल कुंबले ने इस बात पर भी अफ़सोस जताया कि भारतीय टीम ने पहली पारी में श्रीलंका के बल्लेबाज़ों के काफ़ी कैच छोड़े और जिसकी वजह से वो 600 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने में कामयाब हुआ.
स्कोर बोर्ड पर 600 रन का स्कोर काफ़ी बड़ा होता है. जब 100 रन पर श्रीलंका के दो विकेट थे उस वक्त हमारे पास एक अच्छा मौक़ा था. हमने कुछ कैच छोड़े. वार्नापुरा का कैच छूटा, महेला जयवर्धने का कैच दो बार छूटा. इस सब के अलावा शुरू में पिच सूखी थी और ऐसे में पहले गेंदबाज़ी करना मुश्किल होता है.
मेंडिस के आंकड़े पहली पारी 27.5 ओवर में 72 रन देकर 4 विकेट दूसरी पारी 13 ओवर में 26 रन देकर 6 विकेट
कुंबले ने कहा, हमारे लिए पूरे मैच के दौरान कुछ भी अच्छा नहीं रहा. रणनीति के अलावा हमें क्षेत्ररक्षण(फ़ील्डिंग) अच्छी करनी होगी.
भारतीय टीम के कप्तान को इस बात का भी अफ़सोस है कि तीसरे अंपायर की तरफ़ की गई अपीलें भी उनके पक्ष में नहीं गईं.
ग़ौरतलब है कि मैच के दौरान मैदान के अंपायरों के निर्णयों को भारतीय टीम ने तीसरे अंपायर के पास दोबारा राय लेने के लिए अपील की थी. लेकिन तीसरे अंपायर के निर्णय से भी भारतीय टीम को कोई फ़ायदा नहीं पहुँचा.
तीसरे अंपायर ने मुख्य अंपायर के निर्णयों को बरक़रार रखा था.
कुंबले ने कहा, नई 'रेफ़रल प्रणाली' से हमारी अपीलें खारिज हो गईं. इस नई प्रणाली के बारे में हमें काफ़ी सोचना होगा. लेकिन इसके बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाज़ी होगी.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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