लोगों ने पोस्टर भी जलाए, धोनी ने रिटायरमेंट वीडियो में दिखाई आग की लपटों में अपनी तस्वीर

नई दिल्ली: अगर कोरोनावायरस के चलते सब कुछ उलट-पलट ना हुआ होता तो धोनी शायद ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड की तैयारियों में इस समय लगे होते। धोनी अब भी क्रिकेट की तैयारियों में लगे हैं लेकिन यह वर्ल्ड कप के लिए नहीं बल्कि आईपीएल के लिए है जो 19 सितंबर को यूएई में होने जा रहा है। इसी के चलते धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के कैम्प में चेन्नई में ही है। चेन्नई से ही धोनी ने अपने संन्यास की घोषणा की। यह घोषणा इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके हुई।

धोनी के वीडियो में केवल जीत की ही गाथा नहीं-

धोनी के वीडियो में केवल जीत की ही गाथा नहीं-

इस वीडियो में धोनी ने अपने भारत करियर से जुड़ी कुछ शानदार यादें शेयर की है लेकिन वीडियो को गौर से देखें तो पता चलता है कि धोनी ने यह वीडियो अपने करियर का महिमामंडन करने के लिए नहीं बल्कि उन यादों का है जिन्होंने उनको व्यक्तिगत तौर पर प्रभावित किया है।

धोनी के वीडियो की शुरुआत एक गाने से होती है- मैं पल दो पल का शायर हूं....यह वह गीत है जिसको धोनी ने पहले भी गुनगुनाया है। वीडियो में धोनी की शुरुआती करियर की झलक है जो उनके सबसे चमकदार दौर की याद दिलाती है।

वीडियो में दिखाई अपना पोस्टर जलाने की झलक-

वीडियो में दिखाई अपना पोस्टर जलाने की झलक-

लेकिन चीजें तुंरत बदल जाती हैं जैसे ही धोनी 2007 विश्व कप के ग्रुप बी के 20वें मैच की एक झलक साझा करते हैं। इस मुकाबले में भारत को 69 रनों की हार मिली थी और धोनी जीरो रन बनाकर आउट हुए थे। श्रीलंका ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवरों में 254 रन बनाए थे जिसके जवाब में भारतीय टीम 185 रनों पर ही ढेर हो गई थी।

गंभीर ने धोनी से कहा- यकीन कीजिए, भविष्य भी इतना ही मजेदार है, यहां DRS की भी लिमिट नहीं है

धोनी को उस मैच में मुथैया मुरलीधरन ने आउट किया था और मैच में कुल मिलाकर तीन विकेट लिए थे। मुरली को मैन ऑफ द मैच भी दिया गया था।

2007 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से बाहर हुआ था भारत-

इस वीडियो में अगली झलक धोनी का पोस्टर जलाने से है जो इस मैच की प्रतिक्रिया के तहत हुआ था। यह विश्व कप भारत के लिए बुरा सपना साबित हुआ और टीम इंडिया ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। 50 ओवर के विश्व कप इतिहास में ऐसा चार बार हुआ है जब भारतीय टीम को ग्रुप स्टेज से ही बाहर का रास्ता देखना पड़ा। पहली बार ऐसा 1975 में हुआ, फिर 1979 में, इसके बाद 1992 के वर्ल्ड कप में और फिर 2007 में। ऐसे में फैंस का गुस्सा फूट पड़ा था।

फिर उसी साल धोनी ने जीती पहली आईसीसी ट्रॉफी-

फिर उसी साल धोनी ने जीती पहली आईसीसी ट्रॉफी-

लेकिन धोनी ने उसी साल टी20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत दिलाई थी और इसने ना केवल 50 ओवरों के वर्ल्ड कप के जख्म को भरा बल्कि धोनी को बतौर कप्तान उनकी पहली आईसीसी ट्रॉफी भी दिलाई। इसके अलावा धोनी ने वीडियो में 2019 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में अपने रन आउट होने की झलक भी दिखाई है।

बता दें कि एमएस धोनी ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दुनिया को चौंका दिया। शानदार करियर के लिए अलविदा कहने के लिए 39 वर्षीय ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "आपके प्यार और समर्थन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। 1929 (7 बजकर 29 मिनट) बजे से मुझे रिटायर्ड के रूप में माना जाए।"

नहीं खेल पाए भारत के लिए एक और विश्व कप-

नहीं खेल पाए भारत के लिए एक और विश्व कप-

सीमित ओवरों के क्रिकेट में सबसे विध्वंसक फिनिशरों में से एक, धोनी ने टीम इंडिया को कई गौरवशाली खेलों तक पहुंचाया। "यह एक युग का अंत है। वह देश और विश्व क्रिकेट के लिए जबरदस्त खिलाड़ी रहे हैं। उनके नेतृत्व के गुण कुछ हैं, जो कि कही और मिलनी कठिन होगी, खासकर खेल के छोटे प्रारूप में, "बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा।

धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट खेले और 38.09 की औसत से 4876 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपना सिक्का कहीं अधिक जमाया। उन्होंने 350 वनडे मैच खेले और 50.57 की औसत के साथ 10,773 रन बनाए। इसके अलावा 98 टी-20 में उन्होंने 1282 रन बनाए और औसत 37 का रहा।

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Story first published: Sunday, August 16, 2020, 9:28 [IST]
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