
कोहली-धोनी की छवि के आगे दबते हैं प्रसाद ?
प्रसाद के बारे में अक्सर यह कहा जाता रहा है कि वे धोनी और कोहली जैसे बड़े कद के खिलाड़ियों की छवि तले अक्सर खुद को दबा पाते हैं और कड़े फैसले लेने में हिचकते हैं। लेकिन प्रसाद का कहना है कि भले ही इस बारे में कितना भी लिखा जाए, सच यही है कि धोनी और कोहली के साथ उनके रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं और दोनों खिलाड़ी हमेशा उनकी इज्जत करते रहे हैं। प्रसाद ने मुंबई मिरर से बात करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, "इस कार्यकाल के दौरान (बीसीसीआई के साथ), मैं दिग्गज क्रिकेटरों से सलाह लेता था, जिससे मदद मिली। एमएसडी (एमएस धोनी) और [विराट] कोहली के साथ मेरा रिश्ता बरकरार है। लोग कुछ भी लिख सकते हैं, लेकिन जब मैं उनसे बात करता हूं, तो मुझे पता है कि वे मेरा बहुत सम्मान करते हैं। "

विवादित फैसलों पर दी सफाई-
जब प्रसाद से दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के दौरों के दौरान अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा को ड्रॉप करने के बारे में पूछा गया , प्रसाद ने संकेत दिया कि टीम प्रबंधन द्वारा किए गए निर्णयों में वे केवल "विश्वास दिखा सकते हैं"। बता दें कि रहाणे और पुजारा को उन दो दौरों में तीन टेस्ट के लिए ड्रॉप किया गया था और भारत को दोनों में हार मिली थी। प्रसाद ने कहा, "मैं उन दो चीजों के बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहता हूं, लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि उस समय कुछ संवैधानिक बदलाव हुए थे, जो चयनकर्ताओं के संबंध में किए गए थे। लेकिन हमें उन निर्णयों पर विश्वास दिखाना था जो टीम प्रबंधन ने उस समय लिया था।" इस दौरान प्रसाद ने नंबर चार पर बल्लेबाजी करने के लिए कोई अच्छा खिलाड़ी ना ढूंढ पाने के लिए भी आलोचना झेली। इस पर बात करने के लिए उन्होंने कहा, "मुझे बताओ, क्या हमें नंबर 4 के साथ सेमीफाइनल तक कोई समस्या थी? हम शिखर धवन के साथ विश्व कप में गए थे और केएल राहुल नंबर चार पर बैटिंग कर रहे थे। दुर्भाग्य से धवन चोटिल हो गए और तभी हमे ऋषभ पंत के साथ जाना पड़ा। मुझे नहीं लगता कि हम नंबर चार की वजह से हारे। "
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प्रसाद की चयन समिति के सराहनीय काम-
प्रसाद की चयन समिति को अक्सर घरेलू, एज ग्रुप और ए-टीम क्रिकेट के जरिए बेंच स्ट्रेंथ बनाए रखने के लिए सराहा जाता है। इस बारे में बात करते हुए प्रसाद ने कहा, "मैं, भारत ए प्रबंधन और भारतीय टीम प्रबंधन खिलाड़ी की प्रगति पर चर्चा करते हैं," उन्होंने हम सीनियर टीम की जरूरतों को देखते हैं और उसी के आधार पर एक खिलाड़ी को तैयार करते हैं। "पृथ्वी शॉ, शुबमन गिल, मयंक अग्रवाल कुछ उदाहरण हैं। वे जानते थे कि उन्हें किस सीरीज की ज़रूरत हो सकती है, यही वजह है कि वे बड़े मंच के दबाव में नहीं आए।" इसी दौरान प्रसाद ने स्पिन और सलामी बेंच स्ट्रेंथ पर बात करते हुए कहा- "स्पिन विभाग में, हमारे पास [आर] अश्विन, [रवींद्र] जडेजा और कुलदीप [यादव] हैं। [शाहबाज] नदीम इंतजार कर रहे हैं, हमारे पास अक्षर और [के] गौतम हैं। इसी तरह, अगर हम चाहें तो सलामी बल्लेबाजों में हमारे पास नियमित रूप से शॉ है। केएल ने फिर से अच्छा प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। इसके बाद प्रियांक पांचाल और अभिमन्यु ईश्वरन हैं। इसलिए हमारे पास अभी लगभग सात सलामी बल्लेबाज हैं। "


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