नई दिल्ली। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के मामले में अभी किसी भी खिलाड़ी का नाम सामने नहीं आया है लेकिन मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में सट्टेबाजी में शामिल खिलाड़ियों के नाम नंबर कोडिंग में लिखे हैं। कहा जा रहा है कि रिपोर्ट में गुरूनाथ मयप्पन को एक नंबर, राज कुंद्रा को 11, सुंदर रमन को दो और एन श्रीनिवासन को 13 नंबर दिया गया है। दो से लेकर 10 तक खिलाडियों के नाम हैं। जिसमें दो और तीन नंबर चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ी हैं।
तीन नंबर वाले खिलाड़ी के बारे में टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है कि 2010 में टीम इंडिया का यह क्रिकेटर नंबर तीन मैच के दौरान एक रात अपने कमरे में नहीं था बल्कि एक सुंदर हसीना के साथ पाया गया था। इस हसीना के बुकी से संबंध थे। इसलिए पुलिस को शक है कि खिलाड़ी ने लड़की के साथ मिलकर करोड़ो में मैच फिक्सिंग की थी। रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि इस बात की जानकारी श्रीनिवासन को थी लेकिन श्रीनिवासन ने उस क्रिकेटर पर जानकर भी कोई एक्शन नहीं लिया।
क्योंकि उस समय नंबर तीन का खिलाड़ी बहुत अच्छा मैच खेल रहा था और चेन्नई सुपरकिंग्स के खास प्लेयर्स में से एक थे। तो वहीं बीसीसीआई के कुछ सूत्रों की मानें तो नंबर तीन के खिलाड़ी को लोग सुरेश रैना के रूप में गेस कर रहे हैं। हालांकि इस बात की पुख्ता जानकारी किसी के पास नहीं हैं इसलिए यह गेस गलत भी हो सकता है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आखिर किस आधार पर लोग सुरेश रैना का नाम ले रहे हैं जबकि चेन्नई की टीम में तो 11 खिलाड़ी थे लेकिन सबको छोड़कर शक की सुई सुरेश रैना की ओर क्यों घूम गयी है?
फिलहाल अब सबको 24 नवंबर का इतंजार है जब इस मामले की दूसरी सुनवाई कोर्ट में होगी। आपको बता दें कि सोमवार को आईपीएल फिक्सिंग मामले में देश की सर्वोच्च अदालत में मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को क्लीन चिट तो दे दी लेकिन उसने उनके दामाद मयप्पन और राज कुंद्रा को बैटिंग का दोषी बताया है, वहीं दूसरी ओर मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में किसी खिलाड़ी के नाम का खुलासा नहीं हुआ है।