बुमराह के निशाने पर होगी न्यूजीलैंड की लचर बैटिंग, सेमीफाइनल के लिए गेम प्लान तैयार
नई दिल्ली: भारत-न्यूजीलैंड के बीच 9 जुलाई को मैनचेस्टर में पहला सेमीफाइनल खेला जाएगा। सेमीफाइनल में पहली बार दोनों का आमना-सामना हो रहा है। आंकड़ों की बात करें तो भारत अब तक 6 बार विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचा है जिसमें तीन बार उसे जीत मिली है। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड विश्वकप के सेमी फाइनल में 7 बार पहुंचा जरूर है लेकिन जीता सिर्फ एक बार है। 2019 के विश्वकप में भारत का प्रदर्शन न्यूजीलैंड से बेहतर रहा है। भारत ने 7 जीत, एक रद्द और एक हार के जरिये लीग में टॉप पोजिशन हासिल की है। जब कि न्यूजीलैंड पांच जीत, एक रद्द् और तीन हार के बाद किस्मत के सहारे सेमीफाइल में पहुंचा है। लेकिन क्रिकेट अनिश्चतिताओं का खेल है। कब कौन सी टीम किसे हरा दे, कहना मुश्किल है। इसलिए भारत ने न्यूजीलैंड के कमजोर और मजबूत पक्ष पर बारिकी से होमवर्क किया है। होमवर्क के बाद गेम प्लान तैयार है और उसके मुताबिक भारत ने अपने ट्रंप कार्ड भी तय कर लिये हैं।

न्यूजीलैंड की कमजोर बल्लेबाजी
मौजूदा विश्वकप में न्यूजीलैंड की कमजोर बल्लेबाजी उसकी हार का कारण रही है। टीम पूरी तरह से कप्तान केन विलियमसन पर निर्भर है। विलियमसन अब तक दो शतक जड़ चुके हैं। शीर्ष बल्लेबाजों की सूची में वे छठे स्थान पर हैं। कुछ मुकाबलों में रॉस टेलर ने भी अच्छी बल्लेबाजी की है। उन्होंने दो हाफ सेंचुरी लगायी है। बांग्लादेश के खिलाफ शानदार 82 रन बना कर न्यूजीलैंड को 2 विकेट से जीत दिलायी थी। सलामी बल्लेबाजी न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी समस्या है। मार्टिन गुप्टिल और कॉलिन मुनरो टीम को बड़ा स्टार्ट नहीं दिला पाए हैं। तैयारियों के हिसाब से जसप्रीत बुमराह भारत के ट्रपं कार्ड होंगे। अभी तक बुमराह ने शुरुआती पांच ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी की है। अब तक 17 विकेट लेकर वे लॉकी फर्गुसन और जोफ्रा आर्चर के साथ संयु्क्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड को स्पिन गेंदबाजी से दिक्कत होती है। इसलिए बीच के 20 ओवर बहुत अहम होंगे। चहल और कुलदीप की जोड़ी अब तक मिडिल ओवरों में नाम के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पायी है। मैनचेस्टर में नयी पिच पर सेमीफाइनल का मुकाबला होना है। रवीन्द्र जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी की थी। अगर बायें हाथ के स्पिनरों को तबज्जो मिली तो जडेजा और कुलदीप को मौका मिल सकता है। न्यूजीलैंड को कम से कम स्कोर पर रोकने के लिए स्पिनरों की भूमिका अहम होगी।

न्यूजीलैंड की मजबूत गेंदबाजी
इस विश्वकप में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। न्यूजीलैंड का खेमा खुश है कि उसके सबसे सफल और सबसे तेज गेंदबाज सेमीफाइनल खेलने के लिए फिट हो गये हैं। फर्गुसन ने 7 मैचों में अभी 17 विकेट लिये हैं। वे 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंद फेंक कर बल्लेबाजों में दहशत फैलाये हुए हैं। ट्रेंट वोल्ट हमेशा की तरह खतनाक हैं। भारत की सबसे बड़ी चुनौती शुरुआती ओवरों में इन दोनों गेदबाजों से निबटने की होगी। रोहित शर्मा को तो इन तेज गेंदबाजों से कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन के एल राहुल को संभल कर खेलना होगा। उन्होंने पिछले मैच में शतक लगा कर आत्मविश्वास हासिल कर लिया है। लेकिन सेमीफाइनल जैसे अहम मुकाबले में भारत को एक बार फिर बड़े स्टार्ट की जरूरत होगी। इस लिए रोहित और राहुल भारत के ट्रंप कार्ड होंगे।
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अंतिम 10 ओवर अहम
अब तक के सफर में भारत ने अंतिम 10 ओवरों की बहुत निराशा जनक बल्लेबाजी की है। जब कोहली और रोहित नहीं रहते हैं तो भारत 41 से 50 ओवर के बीच औसतन 70 रन ही बना पाता है। 8 मुकाबलों में केवल एक बार 100 से अधिक रन जोड़ा गया है। इस लिए लोअर मिडिल ऑर्डर पर जिम्मेवारी है कि वह एक अच्छे स्टार्ट को बड़े टोटल में तब्दील करे। गेम प्लान के हिसाब से ऋषम पंत, हार्दिक पांड्या, महेन्द्र सिंह धोनी को तेज बल्लेबाजी की हिदायत दी गयी है। इन तीनों में से किसी एक बल्लेबाज को आउट होने का जोखिम उठाकर भी रन बनाने के लिए कहा गया है। मैच की परिस्थितियों को देख कर ये बल्लेबाज मैदान पर इसका फैसला लेंगे कि किसे आक्रमण की जिम्मेवारी लेनी है। फिलहाल भारत का हौसला बुलंद है।
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