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जब 36 साल पहले भारत ने पाकिस्तान को शारजहां में चटाई थी धूल, पहला एशिया कप जीत रचा इतिहास

नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कार की कप्तानी में 36 साल पहले आज ही के दिन इतिहास रचते हुए पहला एशिया कप जीता था। 13 अप्रैल 1984 को हुए इस फाइनल मैच में भारतीय टीम ने शारजहां के मैदान पर अपने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को 54 रन से हराकर पहली बार एशिया कप जीतने का कारनामा किया था। इस मैच में अहम बात यह थी कि भारत ने यह टूर्नामेंट कपिल देव के बिना खेला था और इस मैच में भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज सुरिंदर खन्ना ने जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

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भारत ने यह टूर्नामेंट एक साल पहले टीम को विश्व चैंपियन बनाने वाले कपिल देव के बिना खेला था। वह तब शारजाह में थे लेकिन उन्हें घुटने के ऑपरेशन के लिए इंग्लैंड जाना था। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज सुरिंदर खन्ना को इस ऐतिहासिक जीत के 36 साल बाद भी सबकुछ अच्छे से याद है जिस पर बात करते हुए उन्होंने उस मैच के पसंदीदा पल के बारे में बताया।

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सिर्फ 3 टीमों ने लिया था भाग

सिर्फ 3 टीमों ने लिया था भाग

1984 मेंं आयोजित हुए इस टूर्नामेंट में भारत समेत सिर्फ 3 टीमों ने भाग लिया था। भारतीय टीम ने श्रीलंका को पहले मैच में 10 विकेट से हराकर मैच जीता था। इस मैच में मदनलाल, चेतन शर्मा और मनोज प्रभाकर की शानदार गेंदबाजी से श्रीलंका को 96 रन पर ढेर कर दिया था, जिसके बाद सुरिंदर खन्ना (नाबाद 51) और गुलाम परकार (नाबाद 32) ने टीम को आसान जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचाया था।

खन्ना ने कहा, ‘मैं तब वापसी कर रहा था। सैयद किरमानी भी पंद्रह सदस्यीय टीम में शामिल थे लेकिन गावस्कर ने मुझे अंतिम एकादश में रखने का फैसला किया। मैं 1979 विश्व कप के बाद वापसी कर रहा था और इसलिए मेरे लिए यह टूर्नामेंट बेहद महत्वपूर्ण था। मैं वापसी के बाद पहले मैच में ही मैन ऑफ द मैच बना तो पूरी टीम ने उसका जश्न मनाया। इनमें कपिल भी शामिल थे।'

फाइनल में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई थी भिड़ंत

फाइनल में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई थी भिड़ंत

फाइनल मैच में भारत का सामना पाकिस्तान की टीम के साथ हुआ था। इस मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 46 ओवर्स में 4 विकेट खोकर 188 रन बनाए। इस मैच में सलामी बल्लेबाज सुरिंदर खन्ना ने फिर से अपने बल्ले का कमाल दिखाया और 56 रन बनाए। उनके अलावा संदीप पाटिल ने 43 और गावसकर ने नाबाद 36 रन बनाए।

जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम महज 39.4 ओवर में 134 रन पर सिमट गई। इस मैच में रोजर बिन्नी और रवि शास्त्री ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि चार बल्लेबाज रन आउट हुए।

खन्ना ने कहा, ‘पिच पर काफी घास थी और बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। हम कपिल के बिना खेल रहे थे लेकिन हमें पता था कि अपने स्कोर का बचाव करने में सफल रहेंगे। हम पहले एशिया कप में ही चैंपियन बन गए थे। गावसकर ने जब ट्रॉफी उठाई तो वह हमारे लिए यादगार पल था। मुझे टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था, मेरे क्रिकेट करियर का यह महत्वपूर्ण क्षण था।'

7 बार एशिया कप जीत चुका है भारत

7 बार एशिया कप जीत चुका है भारत

1984 में मिली इस जीत के बाद भारत ने अगले साल 1985 में मेलबर्न में खेले गये क्रिकेट विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल मैच में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर खिताब को जीता था। वहीं एशिया कप में भारत रिकॉर्ड तरीके से 7 बार जीत चुका है।

इस बीच 2016 में इसे टी20 टूर्नामेंट के रूप में आयोजित किया गया। अगला एशिया कप इस साल सितंबर में खेला जाना है लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इस पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

Story first published: Tuesday, April 14, 2020, 21:21 [IST]
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