नई दिल्लीः आज ही के दिन आईपीएल में सीएसके ने बैन के अपनी गौरवशाली वापसी पर मुहर लगाई थी। एमएस धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने वापसी सत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और आईपीएल 2018 के फाइनल में 2016 के चैंपियन सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर अपना तीसरा खिताब जीता। इसके साथ ही बतौर कप्तान धोनी की प्रतिष्ठा में काफी इजाफा हुआ और फिक्सिंग विवाद बीते दिनों की बात हो गई जिसके चलते सीएसके को प्रतियोगिता से बैन झेलना पड़ा था।
उस सीजन में SRH पर सुपर किंग्स का वर्चस्व ऐसा था कि उन्होंने 2018 के सत्र में विलमसन की अगुवाई वाली टीम को चार बार हराया।
शेन वाटसन ने 57 गेंदों पर नाबाद 117 रन बनाए और सुरेश रैना (32) और अंबाती रायुडू (16 *) के साथ मूल्यवान साझेदारी में शामिल हुए। वॉटसन का नाबाद 117 रन आईपीएल फाइनल में सर्वोच्च स्कोर था। सीजन के इस दूसरे शतक के लिए ऑस्ट्रेलियाई ने 11 चौके और आठ छक्के लगाए, क्योंकि सीएसके ने 18.3 ओवर में मैच जीत लिया था।
एमएस धोनी अपने आठवें आईपीएल फाइनल में खेल रहे थे जबकि सीएसके के लिए 7वां था। 2016 के चैंपियन पर जीत ने येलो आर्मी के लिए एक सुखद वापसी की, इससे पहले स्पॉट फिक्सिंग कांड के बाद यह टीम पूरे दो सत्रों के लिए प्रतिबंधित थी।
इससे पहले, विलियमसन बेहद सफल सीजन में एक और अर्धशतक से चूक गए थे और सनराइजर्स हैदराबाद ने धीमी शुरुआत के बाद एक चुनौतीपूर्ण स्कोर बोर्ड पर लगा दिया था। SRH ने केन विलियमसन (36 गेंद पर 47 रन) और युसूफ पठान (25 रन पर 45 रन) की बदौलत छह विकेट पर 178 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था।
पठान द्वारा डेथ ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों को उड़ाने से पहले विलियमसन ने अपनी पारी में दो छक्के और पांच चौके लगाकर अपनी टीम का नेतृत्व किया। कार्लोस ब्रैथवेट (11 में 21) अंत में बहुत जरूरी बड़े हिट लेकर आए और अपनी टीम को 180 के करीब ले गए। हालांकि यह नाकाफी साबित हुआ।