नई दिल्ली। क्रिकेट के इतिहास में ऐसे बहुत से पल आए हैं जिससे लोगों की आंखें नम हुई हैं। कभी क्रिकेट की पिच पर खतरनाक हासदा से किकी क्रिकेटर की मौत या कभी आपके पसंदीदा क्रिकेटर की आसमायिक मृत्यू आपको झकझोर कर रख देती है। लेकिन इन सबके अलावा कुछ ऐसे भी पल होते हैं जो बिना इन सबसे आपको भावुक कर देते हैं। जी हां, दरअसल कुछ ऐसा ही हुआ था आज से 26 साल पहले जब दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत आई थी।आज इसलिए है
विश्व क्रिकेट के इतिहास का बड़ा भावुक दिन
26 साल पहले आज के दिन ( 10 नवंबर ) को विश्व क्रिकेट के इतिहास का बड़ा भावुक दिन माना जाता है। दरअसल इसका कारण था 21 साल तक वर्ल्ड क्रिकेट से दूर रहने के बाद 1991 में दक्षिण अफ्रीका का वापस क्रिकेट में आना। आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका ने 21 साल के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।
दक्षिण अफ्रीका को केवल इन टीमों के खिलाफ खेलने की थी इजाजत
इसमें भी सबसे खास बात ये रही कि ये मैच कहीं और नहीं बल्कि भारत में भारत के खिलाफ खेला गया था। रंगभेद नीति के कारण दुनिया ने इस देश से दूरी बना ली थी। इस टीम में पहले केवल गोरे लोग ही खेलते थे। यही पहले नहीं दक्षिण अफ्रीकी टीम को केवल गोरी टीमों (इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के खिलाफ ही खेलने की अनुमति थी।
दक्षिण अफ्रीका सरकार की नीतियों के तबाह हुआ था क्रिकेट
दरअसल ये सब हुआ था दक्षिण अफ्रीका सरकार की नीतियों के कारण। जिसने कुछ ऐसे नियम बनाए थे कि खुद आईसीसी असमंजस में पड़ गई थी। सरकार के नियमों के मुताबिक उनकी देश की टीम को श्वेत देशों (इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के खिलाफ ही खेलने की अनुमति थी। यह भी शर्त यह थी कि विपक्षी टीम में श्वेत खिलाड़ी ही खेलेंगे। इसके बाद आईसीसी ने दक्षिण अफ्रीका को निलंबित कर दिया, जिससे अफ्रीकी खिलाड़ियों का भविष्य पर खतरे में पड़ गया।
भारत ने जीता था मैच, दक्षिण अफ्रीका ने जीता था दिल
हालांकि 21 साल बाद दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद नीति को खत्म किया गया जिसके बाद आईसीसी ने उसे फिर से मान्यता दे दी थी। मान्यता मिलने के 4 महीने बाद दक्षिण अफ्रीका भारत दौरे पर अपना पहला इंटरनेशनस मैच खेलने आया था। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए अपने पहले ही मैच में अफ्रीकी तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड ने 29 रन देकर 5 विकेट झटके थे। डोनाल्ड और सचिन तेंदुलकर उस मैच में संयुक्त रूप से मैन ऑफ द मैच रहे थे। हालांकि ये मैच भारत ने 3 विकेट से जीता था। उस अफ्रीकी टीम के कप्तान क्लाइव राइस थे।