एशिया में घूमती गेंदों पर खुल जाती है दक्षिण अफ्रीका की पोल, अकेले अश्विन-जडेजा ही हैं काफी
नई दिल्ली: विश्व कप 2019 में लचर प्रदर्शन के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम अपनी एक और बड़ी चुनौती भारतीय दौरे पर है। इस दौरे पर तीन टी-20 मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर करा चुकी अफ्रीकी टीम का आत्मविश्वास कुछ बढ़ा हुआ जरूर है लेकिन टेस्ट क्रिकेट ही किसी खिलाड़ी का असली टेस्ट लेता है। 2 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे पहले टेस्ट से पूर्व प्रोटियाज टीम एक ऐसी परीक्षा के मुहाने पर खड़ी है जहां से उसके पुराने नतीजे काफी भयावह रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका टीम ने पिछली बार भारत का दौरा 2015-16 में किया था।

दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी कमजोरी-
तब चार मैचों की टेस्ट सीरीज में दक्षिण अफ्रीका को भारत ने 3-0 से करारी मात दी थी। उस हार में दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी कमजोरी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। यह कमजोरी थी- घूमती गेंदों के सामने जमकर नाचना। उस सीरीज में रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की स्पिन जोड़ी ने मिलकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिलकर 54 विकेट चटकाए थे। यह आंकड़े ना केवल उस सीरीज में इन दो दिग्गज स्पिनरों के आधिपत्य को बयां करते हैं बल्कि प्रोटियाज टीम के सामने एक बहुत बड़ा सवाल दोबारा खड़ा कर देते हैं। ये सवाल है- क्या इस बार मेहमान टीम जडेजा-अश्विन की जोड़ी से पार उतर पाएगी?
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क्या फिर से अकेले काफी होंगे जडेजा-अश्विन?
भारतीय पिचों पर इस जोड़ी के बारे में बात करते हुए दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर के प्रतिभाशाली स्पिनर केशव महाराज ने कहा, 'अच्छा लगता है जब लोग आपकी तारीफ करते हैं। जडेजा और अश्विन को देखिए, अश्विन के पास वैरिएशन है और जडेजा चीजों को सामान्य रखते हैं लेकिन अहम चीज निरंतरता है और इससे बल्लेबाज के परेशान हो जाता है।' इतना ही नहीं केशव ने इन दोनों गेंदबाजों से प्रेरणा लेने की भी बात कही है। जहां तक अश्विन और जडेजा के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रिकॉर्ड की बात है तो अश्विन ने इस टीम के खिलाफ 7 टेस्ट खेले हैं जिसमें 17.58 के औसत से 38 विकेट चटकाए हैं। जबकि जडेजा ने 5 टेस्टों में 13.90 की औसत से 29 विकेट लिए हैं। खतरनाक बात यह है कि इन दोनों गेंदबाज का स्ट्राइक रेट इस दौरान 45 से नीचे का रहा है।

स्पिनर्स के खिलाफ हैरान करता दयनीय रिकॉर्ड-
अब यदि एशिया में दक्षिण अफ्रीका टीम के स्पिनर्स के खिलाफ प्रदर्शन पर बात की जाए तो उसके सबसे अनुभवी बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस ने 19 पारियों में केवल 21.19 के औसत से ही स्पिन के खिलाफ रन बनाए हैं। इस दौरान वे 16 बार स्पिन को खेलते हुए आउट हुए हैं। डीन एल्गर की बात की जाए तो वे 18 पारियों में 14 बार स्पिन के शिकार हुए हैं और उनका स्पिनर्स के खिलाफ औसत महज 20.50 का रहा है। टीम के छोटे प्रारूप के कप्तान डिकॉक पर बात की जाए तो यह बल्लेबाज एशियाई धरती पर 9 पारियों में 8 बार स्पिन से आउट हुआ है जबकि उनका औसत 18.00 रहा है। टेंबा बावुमा 7 में से 6 पारियों में स्पिनर्स पर आउट हो चुके हैं और उनका घूमती गेंदों पर औसत 26.33 का है। युवा प्रतिभा मार्करम का और भी बुरा हाल है और वे एशियाई धरती पर चार पारियों में चारों बार स्पिनर्स पर चलते बन और औसत केवल 10.00 का रहा।
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