नई दिल्ली। सीमा पर तनाव के चलते भारत और पाकिस्तान 2012 से कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेल पाए हैं। अब ये दोनों टीमें केवल आईसीसी ईवेंट्स में ही आमने सामने होती हैं। हालांकि एक तरफ भारत है जिसे पाकिस्तान के साथ खेलने से कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान है जो भारत के साथ खेलने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
दरअसल आईसीसी की बैठक में भाग लेने भारत पहुंचे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष नजम सेठी ने भारत- पाकिस्तान सीरीज ना कराने के लिए बीसीसीआई पर हमला बोला था। उनका कहना है कि बीसीसीआई को टीम इंडिया की पाकिस्तान में या फिर पाकिस्तान की टीम की भारत में सुरक्षा की चिंता है तो फिर किसी तीसरे देश में वह सीरीज क्यों नहीं करा लेते हैं। उनका कहना है कि आखिकार बीसीसीआई को जब सरकार की मंजूरी की ही दरकार थी तो फिर उसने हमारे साथ 2015 से 2023 तक आठ सालों में पांच बाइलेटरल सीरीज खेलने का करार क्यों किया था।
हालांकि एक बार फिर से बीसीसीआई ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के इस दावे को खारिज कर दिया जिसमें बोर्ड ने कहा था कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट समिति (आईसीसी) की बैठक के दौरान बताया, "वह केवल एक बयान था। मैं उस पत्र के लिए पीसीबी को दोषी नहीं ठहराता लेकिन दोनों देशों के बीच किसी प्रकार का करार नहीं हुआ था।" आपको बता दें कि इसी संदर्भ में पीसीबी ने मुआवजे के तौर पर सात करोड़ डालर की मांग की है और आईसीसी का तीन सदस्यीय पैनल अक्तूबर में इस मामले की सुनवाई करेगा।