एमएस धोनी के संन्यास के सवाल पर भड़के रवि शास्त्री, आलोचकों को कहा- पहले जूते के फीते बांधना सीखो
नई दिल्ली। विश्व कप के बाद से लगातार क्रिकेट के मैदान से दूर चल रहे एमएस धोनी एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार यह चर्चा उनके रिटायरमेंट पर कमेंट करने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय कोच रवि शास्त्री के बयान के चलते है। भारतीय टीम के हेड कोच रवि शास्त्री ने धोनी के संन्यास को लेकर बयान देने वालों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यह वो लोग हैं जिन्हें अपने जूते का फीता तक बांधना नहीं आता। दरअसल गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ टीम इंडिया का चयन हुआ जिसके बाद चयनकर्ताओं ने धोनी के भविष्य को लेकर बात करते हुए कहा कि वो अब युवा खिलाड़ियों पर ही ध्यान देंगे। इसके बाद नए बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली, कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान रोहित शर्मा के बीच अलग से बैठक हुई जिसमें धोनी के भविष्य को लेकर चर्चा हुई।
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हालांकि आधिकारिक रूप से इस बैठक के बाद धोनी पर कोई बयान नहीं दिया गया लेकिन रिपोर्ट के अनुसार धोनी वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में अपने फेयरवेल मैच के लिये वापसी कर सकते हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पूर्व कप्तान एमएस धोनी के संन्यास को लेकर एक बार फिर से बहस होने लगी।

रवि शास्त्री ने आलोचकों को लिया आड़े हाथ
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने रवि शास्त्री का इंटरव्यू लेते हुए एमएस धोनी के भविष्य पर पूछा जिस पर मुख्य कोच ने आलोचकों को आड़े हाथ ले लिया।
रवि शास्त्री ने कहा,' धोनी पर कॉमेंट करने वालों में से आधे लोग अपने जूतों के फीते तक ठीक से नहीं बांध सकते और वह धोनी पर बयान दे रहे हैं।'

धोनी जानते हैं कब लेना है फैसला
रवि शास्त्री ने कहा कि धोनी जानते हैं उन्हें कब संन्यास लेना है और वो खुद इसका फैसला कर लेंगे।
उन्होंने कहा,' धोनी पर कुछ भी बोलने से पहले यह देख लीजिए कि उन्होंने देश के लिए क्या उपलब्धियां हासिल की हैं। लोग इतनी जल्दी में क्यों हैं कि वह अब संन्यास ले लें? शायद उनके पास बात करने के लिए कोई और मुद्दा नहीं है। वह खुद और जो भी उन्हें जानते हैं- सभी को पता है वह जल्दी ही इस खेल से दूर हो जाएंगे। तो फिर इसे जब होना है, तब होने दो न..।'

पहले भी धोनी ने करके दिखाया है
रवि शास्त्री ने धोनी के टेस्ट रिटायरमेंट पर बात करते हुए कहा कि वह पहले भी यह कर चुके हैं, सही समय पर सही फैसला लेना उनकी खूबी है।
रवि शास्त्री ने कहा,'उनको लेकर खुद से वक्तव्य देना उनके प्रति असम्मान है। भारत के लिए 15 साल खेलने वाले खिलाड़ी को क्या यह नहीं पता होगा कि कब क्या करना सही होगा? जब वह टेस्ट से रिटायर हुए थे तो उन्होंने क्या कहा था? यही कि ऋद्धिमान साहा को 'कीपिंग ग्लब्स' सौंपने का यह सही वक्त था। वह सही थे। जब भी टीम की बात आती है तो वह हमेशा अपने आइडिया और विचार रखने को तैयार रहते हैं।

युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देते हैं धोनी
रवि शास्त्री ने कहा कि वो युवाओ को प्रेरित करते हैं और उन्होंने अपने खेल के जरिये यह कमाया है।
उन्होंने कहा, 'अभी पिछले ही दिनों वह रांची टेस्ट के अंतिम दिन ड्रेसिंग रूम में आए और उन्होंने शाहबाज नदीम से बात की। जो खिलाड़ी अपने घर पर डेब्यू कर रहा है उसके लिए यह क्या शानदार मोटिवेशन होगा? एमएस धोनी ने अपने खेल यह अधिकार पाया है कि वह खुद यह निर्णय लें कि उन्हें कब रिटायर करना है। अब इस बहस का अंत करना चाहिए।'

इस मैच में धोनी कह सकते हैं अलविदा
आपको बता दें कि बांग्लादेश के बाद भारत दौरे पर आ रही वेस्टइंडीज 3 टी-20 और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेलेगी। ऐसी उम्मीद है कि 6 दिसंबर से शुरु हो रही इस सीरीज के लिए धोनी का चयन हो और उसी सीरीज के दौरान वह क्रिकेट को अलविदा कह दें। कयासों के अनुसार धोनी वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले पहले टी20 मैच या चेन्नई में आयोजित होने वाले पहले एकदिवसीय मैच के दौरान क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं। क्योंकि वानखेड़े में भारत ने 2011 विश्व कप जीता था और चेन्नई में धोनी का होम ग्राउंड है।
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