नई दिल्ली। क्या यह क्रिकेट डिप्लोमेसी है, पीएम मोदी ने आज नवाज शरीफ को फोन पर क्रिकेट विश्वकप के लिेए शुभकामनाएं दी है, हालांकि हमेशा कहा जाता है कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रखा जाये लेकिन जब भी भारत-पाकिस्तान का मैच होता है तो मामला जज्बाती हो जाता है। हालांकि पीएम मोदी का शरीफ से फोन पर बात करना एक सामान्य सी बात है लेकिन फिर भी विश्वकप के लिए उन्हें याद दिलाना जरूर कुछ और संकेत देता है।
भारत की ओर से लगातार मीठे रिश्ते की बात पाकिस्तान के लिए होती रहती है लेकिन पाकिस्तान से हमें बदले में मिठास नहीं बल्कि कड़वाहट ही मिलती है। लेकिन बावजूद शांति की बात करने वाले पीएम मोदी का यूं पाक पीएम से बात करना वाकई में अपने आप में बड़ी बात है।
वैसे चंद महीने पहले मोदी जब अपने आस्ट्रेलिया दौरे पर गये थे तब भी वहां पर उन्होंने मेलबर्न का वो मैदान देखा था जहां भारत-आस्ट्रेलिया का मैच होने वाला है और अपने साथ उन्होंने कपिल देव और सुनील गावस्कर को आमंत्रित किया था तब भी पीएम मोदी की क्रिकेट डिप्लोमेसी लोगों को नजर आयी थी और जिसका फायदा भारत-आस्ट्रेलिया के क्रिकेट रिश्ते को तो मिल ही रहा है साथ ही दोनों देशों में रिश्ते दूसरी सूरतों में भी आगे बढ़ रहे हैं।
क्या है क्रिकेट डिप्लोमेसी है?
मोदी के इस कदम को विश्व मीडिया ने भी काफी सराहा था और यह संदेश दूसरे देशों को भी पहुंचा कि दोस्ती करने के लिए पावर, राजनीति की जरूरत नहीं होती है अगर दिल साफ है तो दोस्ती तो खेल-खेल में और खेल के जरिये भी हो सकती है। आस्ट्रेलिया ने तो मोदी के इस कदम को सराहा था देखते हैं पाकिस्तान मोदी की इस उदारता का क्या जवाब देता है।
गौरतलब है कि 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान का मैच है जो कि एडीलेड में खेला जायेगा। आपको बता दें कि आज से चार साल पहले जब भारत में विश्वकप मैच हुआ था तो मोहाली में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया गया था। मोहाली में हुए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था। अब तक किसी भी विश्वकप में भारत, पाकिस्तान से हारा नहीं है, उम्मीद करते हैं कि इस बार भी ऐसा ही होगा।