ऐशेज़ सिरीज़ में अपनी कप्तानी और ख़ुद के प्रदर्शन को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग एक बार फिर मैदान पर अपने व्यवहार के कारण चर्चा में हैं.
चौथे टेस्ट के दौरान वे एक फ़ैसले को लेकर अंपायर से उलझ गए और उन्हें इसका नतीजा भी भुगतना पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है और उन पर मैच फ़ीस का 40 फ़ीसदी जुर्माना लगाया है.
आईसीसी के मैच रेफ़री रंजन मदुगले ने ये फ़ैसला सुनाया. मैदान पर मौजूद अंपायर अलीम दार, टोनी हिल और थर्ड अंपायर मरायस इरास्मुस की शिकायत पर आईसीसी ने ये कार्रवाई की.
मेलबोर्न में चल रहे इस टेस्ट के दौरान केविन पीटरसन के ख़िलाफ़ विकेटकीपर के हाथों कैच आउट की अपील हुई. लेकिन थर्ड अंपायर ने अपने फ़ैसले में पीटरसन को नॉट आउट दिया.
कप्तान पोंटिंग ने पहले अंपायर अलीम दार से बहस की और फिर दूसरे अंपायर टोनी हिल के पास पहुँच गए.
इंग्लैंड के केविन पीटरसन उस समय 49 रनों पर खेल रहे थे. रयान हैरिस की गेंद पर विकेटकीपर ब्रैड हैडिन ने कैच आउट की अपील की और फिर पोंटिंग को इस बात के लिए राज़ी किया कि वे इस फ़ैसले को चुनौती दें.
लेकिन थर्ड अंपायर ने वीडियो रिव्यू के बाद पीटरसन को नॉट आउट दिया.
आईसीसी मैच रेफ़री रंजन मदुगले ने कहा है कि एक कप्तान के रूप में पोंटिंग का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता.
रिकी पोंटिंग ने भी अपनी ग़लती स्वीकार की है और माना कि बहस कुछ लंबा खिंच गया. उन्होंने अपने व्यवहार के लिए माफ़ी भी मांगी और कहा कि उनका मकसद अंपायरों के सम्मान को ठेस पहुँचाना नहीं था.