हैदराबाद। शनिवार को नई दिल्ली के फिरोशाह कोटला में भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मैच खेला जायेगा। पहला वनडे धमाकेदार अंदाज में जीतकर वेस्टइंडीज का मनोबल जहां सातवें आसमान पर है, वहीं भारतीय टीम अपने ही घर में गहरे दबाव में है।
सीरीज में बराबरी के लिये भारत को चाहिये हर हाल में जीत
अगर भारत दिल्ली वनडे हारता है तो फिर सीरीज में हार का कलंक धोना उनके लिये आसान नहीं होगा। दूसरा वन डे भारत को हर हाल में जीतना ही होगा। जीत से कम में बात नहीं बनने वाली।
पहला वनडे हारने से भारत सीरीज में तो पिछड़ा ही है, उसकी क्रिकेट के इस फॉर्मेट में बादशाहत भी छिन गयी है। नंबर वन टीम पहले वनडे में हार से एक ही झटके में रैंकिंग में तीसरे नंबर पर पहुंच गयी है। भारतीय टीम को अगर सीरीज में बने रहना है तो उसे दूसरा वनडे हर हाल में जीतना होगा।इसके लिये टीम को कई मोर्चों पर काम करना होगा।
टॉस जीतें तो पहले करें बैटिंग
कप्तान धोनी अगर टॉस जीतते हैं तो उन्हें बैकफुट पर जाने की बजाय आगे बढ़कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करना चाहिये। हालांकि पिच की स्थिति और वातावरण को देखकर ही फैसला करना ज्यादा ठीक रहता है लेकिन पहले बल्लेबाजी करने से एक तो टीम पर दबाव नहीं होता। दूसरा बल्लेबाज अगर सेट होने के लिये ज्यादा समय भी लेता है तो बाद में उसकी भरपाई कर सकता है। पहले मैच में जैसे वेस्टइंडीज ने बड़ा स्कोर कर भारतीय टीम को दबाव में लाकर बिखेर दिया, वैसा ही भारत भी कर सकता है।
गेंदबाजों को दिखानी होगी मेच्योरिटी
भारतीय गेंदबाजों को परिपक्वता दिखानी होगी। पहले वनडे में जैसे खुले दिल से उन्होंने रन लुटाये दूसरे मैच में इससे बचना होगा। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को अगर आप आसानी से रन नहीं देते तो वो लंबे शॉट मारने के चक्कर में विकेट गंवाते हैं। भारतीय तेज गेंदबाजों से तो हालांकि बहुत उम्मीद नहीं है, लेकिन स्पिनरों को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। स्पिनर ही हैं जो भारत को मैच जिता सकते हैं।
मिश्रा को ही दें मौका या फिर कुलदीप पर खेलें दांव
धोनी अक्सर चौंकाने वाले निर्णय लेकर अचंभ्भित करते रहे हैं। चाइनामैन कुलदीप यादव अगर दूसरे वनडे में डेब्यू करते नजर आयें तो चौंकियेगा नहीं। धोनी अक्सर ऐसे दांव खेलते रहे हैं। वैसे भी मिश्रा पर धोनी को ज्यादा विश्वास नहीं रहता है। कुलदीप को अगर चांस मिलता है तो वो अपनी चाइनामैन से विंडीज बल्लेबाजों को चकमा दे सकते हैं। विदेशी बल्लेबाजों ने उन्हें अभी ज्यादा खेला भी नहीं है और उन पर दांव लगाया जा सकता है।
ईशांत शर्मा के आने से पड़ सकता है फर्क
दूसरे वनडे में 6 फिट 5 इंच लंबे ईशांत शर्मा के आने से तेज गेंदबाजी थोड़ा मजबूत हुई है। ये लंबोतर गेंदबाज अगर लय में गेंद फेंके तो मेहमान बल्लेबाजों को थोड़ा परेशानी हो सकती है। मोहित शर्मा के घायल होने से ईशांत की टीम में वापसी हुई है। वैसे भी मोहित ने पहले वनडे में निराश ही किया था।
फील्डिंग में भुनाने होंगे मौके
रैना, कोहली, जडेजा और रहाणे को को छोड़ दें तो बाकी भारतीय खिलाड़ी औसत दर्जे के फील्डर हैं। फील्डिंग में अगर आप 20-30 रन बचा लेते हैं तो आपको उतना ही कम लक्ष्य मिलता है। क्रिकेट में एक कहावत भी है...'पकड़ो कैच, जीतो मैच'। अगर आपके पास अच्छे और फिट फील्डर हैं तो वो मुश्किल कैच भी लेकर गेंदबाज का हौसला तो बढ़ाते ही हैं विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को शॉट खेलने से पहले सोचने पर भी मजबूर कर देते हैं।
क्या कोहली खत्म कर पायेंगे रनों का सूखा
जॉंटी रोड्स, रिकी पॉंटिंग और पॉल कॉलिंगवुड अपने फील्डिंग से बल्लेबाजों के लिये दहशत बने रहते थे। आज युवराज सिंह, सुरेश रैना, रविंद्र जडेजा और एबी डिबिलियर्स की ओर जब गेंद जाती है तो बल्लेबाज को रन लेने के लिये सोचना पड़ता है।
बल्लेबाजों को पानी होगी लय
पहले मैच में टीम इंडिया की बल्लेबाजी फ्लॉप रही। दूसरे वनडे में बल्लेबाजों को अपनी लय पानी ही होगी। सलामी बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी करनी होगी। वन डाउन विराट कोहली को अब हर हाल में फॉर्म में आना ही होगा क्योंकि इस सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया में कंगारुओं के खिलाफ ही विश्व कप से पहले मैच खेलने को मिलेंगे। कोहली अगर फॉर्म पा लेते हैं तो टीम का काम आसान हो जायेगा।
रैना से टीम को उम्मीद
वो बड़े मैच विनर हैं, लेकिन इधर उनका फॉर्म कुछ ज्यादा दिनों के लिये ही रूठ गया। रायुडू को समझना होगा कि कितनी मुश्किलों और मेहनत के बाद उन्हें टीम इंडिया में जगह मिली है। अगर वो रन नहीं बनाते हैं तो फिर हमेशा के लिये टीम के दरवाजे उनके लिये बंद हो सकते हैं। इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन उन्हें विश्व कप का टिकट दिला सकता है। रैना पहले मैच में हालांकि शून्य पर आउट हो गये, लेकिन उनसे टीम को उम्मीद है। धोनी और जडेजा के साथ ही निचले क्रम को टीम के लिये बल्ले से योगदान करना ही होगा जीत तभी मिलेगी।
दूसरे वनडे के लिये के तैयार धोनी की सेना
दूसर वनडे के लिये अब जबकि कुछ ही घंटे बचे हैं तो ये दोनों टीमों के धैर्य का भी इम्तिहान होगा। जिस टीम के खिलाड़ी मैदान पर जितना संयम दिखाएंगे और सही मौके पर वार करेंगे जीत उसी की होगी।