भारत-वेस्टइंडीज़ टेस्ट क्रिकेट : इतिहास में दर्ज हो गए आर अश्विन, रिद्धिमन साहा के ये 10 रिकॉर्ड
सेंट लूसिया : वेस्टइंडीज़ के खिलाफ सेंट लूसिया में चल रहे तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में 6वें विकेट के लिए रविचंद्रन अश्विन और रिद्धिमन साहा की 213 रनो की ऐतिहासिक पारी को भला कौन भूल पाएगा। एक वक्त पर भारत की आधी टीम महज़ 126 रनों पर पवेलियन जा चुकी थी। लेकिन उसके बाद इन दोनों खिलाड़ियों ने मोर्चा संभाला। सहवाग बोले तिहरे शतक से 1000 रीट्वीट ज्यादा रोमांचक
- 6वें विकेट के लिए आर अश्विन और आर साहा की 213 रनों की यह साझेदारी विदेश धरती पर अबतक की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले 1997 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सचिन तेंदुलकर और मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने 222 रन की साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया था।
- इसके अलावा एक बार यह रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धौनी और इरफान पठान ने 2006 में पाकिस्ताने के खिलाफ बनाया था जब उन्होंने 210 रनों की साझेदारी की थी।
- आर अश्विन दुनिया के तीसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने एक ही टेस्ट सीरीज़ में दो बार 50 से ज्यादा रने बनाने के साथ ही दो बार 5 विकेट लिए हों। इससे पहले यह कारनामा कपिल देव और भुवनेश्वर कुमार ने ही किया था।
- वेस्टइंडीज़ के खिलाफ अगर आर अश्विन के बैटिंग एवरेज की बात करें तो यह 66.57 है, जो कि पांच या उससे ज्यादा पारियां खेलन वाले किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ से ज्यादा है।
- साहा की इस मैच में 104 रनों की पारी के पहले 1952-53 में विजय मांजरेकर, 2002 में अजय रात्रा और फैसलाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ 2005-06 में महेंद्र सिंह धोनी ने यह रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
- इससे पहले भारतीय बल्लेबाजों में यह कारनामा सचिन तेंदुलकर ने ही किया है कि अपने बांग्लादेश के खिलाफ अपने शुरुआती पांच मैचों में 50 प्लस स्कोर को उन्होंने शतक में तब्दील किया हो। साथ ही अबतक ऐसे 3 भारतीय बल्लेबाज ही हुए हैं जिन्होंने 4 से अधिक शतक वेस्टइडीज़ के खिलाफ लगाए हों।
- नंबर 6 या उससे नीचे के क्रम में आकर वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाने वाले आर अश्विन भारत के पहले बल्लेबाज हैं। अश्विन-साहा के शतक की बदौलत भारत 353/10, वेस्टइंडीज़ की शुरुआत भी हुई अच्छी
- भारत की पारी में 60.33 फीसदी रन 6वें विकेट की साझेदारी से आए। ऐसा इतिहास में तीसरी बार हुआ है। भारत के कुल 353 रन बनाए थे।
- पूरी टीम के खेलने के बावजूद सबसे न्यूनतम स्कोर के मामले में यह अबतक का दूसरा सबसे न्यूनतम स्कोर था। इससे पहले वाका स्टेडियम में 1977-78 के दौरान सुनील गावस्कर और मोहिंदर अमरनाथ के शतकों के बावजूद पूरी टीम महज़ 330 रन के कुलयोग पर सिमट गई थी।
- इससे पहले 29 साल 309 दिन में सैयद किरमानी ने 1979-80 में यह कारनामा कर दिखाया था। साहा भारत के तीसरे सबसे उम्रदराज़ विकेटकीपर हैं जिन्होंने टेस्ट सेंचुरी बनाई है।
Story first published: Tuesday, January 30, 2018, 9:29 [IST]
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