नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज राहुल लोकसभा चुनाव में अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। आपको बता दें राहुल द्रविड़ कर्नाटक इलेक्शन कमिशन के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। ऐसे में उनका वोट ना डालना एक अप्रत्याशित घटना है। गौरतलब है, इस समय पूरे देश में आईपीएल के साथ चुनावी रंग भी खूब खिल रहा है। 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव का पहला चरण पूरा भी हो चुका है। चुनावी चरण कुल मिलाकर 19 मई तक जारी रहेंगे। उसके बाद वोटों की गिनती गुरूवार 23 मई, 2019 को हो जाएगी।
दरअसल, द्रविड़ ने अपना घर बदला है और अपने पुराने चुनाव क्षेत्र इंदिरानगर ने अपना नाम भी हटवा लिया है। लेकिन दिग्गज क्रिकेटर का नाम नए चुनाव क्षेत्र में तय तारीख तक दर्ज नहीं कराया जा सका जिसके चलते द्रविड़ को यह दिक्कत आई है। जानकारी के अनुसार द्रविड़ के भाई को इस मामले से जुड़े दस्तावेज दिए गए थे ताकि द्रविड़ का नाम पुरानी मतदाता सूची से हटाया जा सके और नई सूची में जोड़ा जा सके। लेकिन द्रविड़ तय समय पर ऐसा करने में विफल रहे और उनका नाम उनके नए चुनाव क्षेत्र में दर्ज नहीं हो सका।
एन मंजुनाथ ने बताया है कि नाम हटाने के लिए दस्तावेज जमा किए जाने के बाद भी, दोबारा समावेश के लिए दस्तावेज मतदाता द्वारा ही प्रस्तुत किए जाते हैं। ऐसे में जब द्रविड़ दोबारा अपना नाम शामिल कराने वाला फॉर्म तय तारीख तक जमा नहीं कर पाए तो वे इस बार के वोट से वंचित रह जाएंगे।
इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग ने भी हैरानी भरी प्रतिक्रिया दी है। अधिकारियों का कहना कि उनको लगाता यही बताया गया था कि द्रविड़ विदेश में हैं। आपको बता दें कि कर्नाटक में 18 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। अब द्रविड़ अपने पुराने इलाके इंदिरानगर को छोड़कर आरएमवी एक्सटेंशन के अश्वथनगर में रहने लगे हैं।