
रवि शास्त्री
फिलहाल कोच की तलाश जारी है, बीसीसीआई ने दावा किया है कि श्रीलंका के दौरे से पहले टीम को नया कोच मिल जाएगा, ऐसे में कयासों और प्रयासों का मामला गर्म है, जिसके तहत ही खबर आयी थी कि टीम इंडिया के पूर्व डायरेक्टर रवि शास्त्री एक बार फिर से कोचपद के लिए अप्लाई कर सकते हैं, क्योंकि कोहली के काफी नजदीक माने जाने वाले शास्त्री के नाम पर विराट को कोई आपत्ति नहीं होगी।

'कोच बनाने की गारंटी दो'
लेकिन अब जो खबर आ रही है वो और भी चौंकाने वाली है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक रवि शास्त्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले पर केवल बीसीसीआई या सीएसी से बात करेंगे, अगर उन्हें गारंटी दी जाती है कि टीम इंडिया के मुख्य कोच की नौकरी उन्हें ही सौंपी जाएगी तभी वो आवेदन करेंगे, वरना नहीं, वो कोच वाली कतार मे खड़ा नहीं होना चाहते हैं।

शास्त्री के लिए राह आसान नहीं
वैसे अभी तक जिन लोगों ने कोच के लिए आवेदन किया है, उनके नाम हैं, वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और डोडा गणेश। फौरी तौर पर तो शास्त्री के लिए राह आसान दिख रही है।

गांगुली के साथ मतभेद
लेकिन ध्यान से देखिए तो ये उतना आसान नहीं जितना दिख रहा है, वजह है शास्त्री के सीएसी सदस्य सौरव गांगुली के साथ मतभेद है, जो कि खुलकर पिछले साल ही सामने आया था वो भी कोच के चुनाव के ही दौरान।

बहुत कठिन है डगर पनघट की...
दादा ने शास्त्री की उम्मीदवारी खारिज कर दी थी, शास्त्री ने गांगुली पर स्काइप के जरिए के अपने इंटरव्यू के दौरान उपस्थित नहीं होने का आरोप लगाया था, दूसरी तरफ गांगुली ने शास्त्री की सीएसी को व्यक्तिगत रूप से न मिलने के लिए आलोचना की थी। फिलहाल कहा ये ही जा सकता है, बहुत कठिन है डगर पनघट की।


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