
गंभीर की कप्तानी में थी आजादी, परिवार जैसा होता था महसूस
स्टार स्पोर्टस के शो 'क्रिकेट कनेक्टेड' पर बात करते हुए रॉबिन उथप्पा ने गौतम गंभीर की कप्तानी की जमकर तारीफ की और कहा कि उनकी कप्तानी में सबसे अच्छी बात यह थी वह खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देते थे।
उन्होंने कहा, 'मुझे जो सबसे ज्यादा उनकी बात पसंद आई वो यह थी कि वो लोगों को खुल कर खेलने देते और किसी के खेल में रोक-टोक नहीं करते थे। उन्होंने इस बात को सुनिश्चित किया था कि टीम में सुरक्षा की भावना रहे जो मुझे लगता है कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट्स को जीतने के लिए काफी अहम है और यही सफल कप्तान करते हैं।'

बेंच पर बैठे खिलाड़ी को भी नहीं होने देते थे अकेला
रॉबिन उथप्पा ने कहा कि गंभीर की कप्तानी में टीम के सभी खिलाड़ियों को एक परिवार जैसा महसूस होता था। वह प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठने वाले खिलाड़ियों को भी कभी अकेला नहीं छोड़ते थे और यही कारण था कि जब भी जिस खिलाड़ी को मौका मिलता वह अपना 100 प्रतिशत देने से पीछे नहीं हटता था।
उन्होंने कहा, 'टूर्नामेंट जीतने के मेरे अनुभवों में मैंने देखा है कि सफल कप्तान खिलाड़ियों को खुलकर खेलने देते हैं और यह आश्वस्त करते हैं कि टीम में हर कोई सुरक्षित महूसस करे। इसलिए वो उन खिलाड़ियों से भी लगातार बात करते रहते हैं जो खेल नहीं रहे होते।'

IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में खास देने की होती है जरूरत
रॉबिन उथप्पा ने गौतम गंभीर की कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करते थे कि जो खिलाड़ी मैच नहीं खेल रहा है वह उसके साथ ट्रेनिंग और डिनर के वक्त समय बिता सकें।
उन्होंने कहा, 'आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में आपको खिलाड़ियों को बांधने की जरूरत है। जो लोग नहीं खेल रहे होते वे भी टीम बनाने में बड़ा रोल निभाते हैं और टीम में सही ऊर्जा लेकर आते हैं। उन्होंने इस बात को सुनिश्चित किया कि वह बाहर बैठने वाले खिलाड़ियों के साथ अच्छा-खासा समय बिताएं, उनके साथ ट्रेनिंग करें, खाना खाएं, ताकि वे अकेला न महसूस करें।'


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