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रिश्तों की मधुरता बरसों पहले कहीं खो चुकी
इतना खूबसूरत रिस्पांस कांबली की ओर से सचिन के लिए आएगा इस बात की कल्पना भी कोई नहीं कर सकता था क्योंकि सचिन और कांबली के रिश्तों की मधुरता बरसों पहले कहीं खो चुकी है। दोनों बीते वक्त में कभी दोस्त थे लेकिन आज दोनों के बीच में काफी दूरियां हैं।
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दोनों की लाइफ स्टाइल काफी अलग
रिकॉर्डों की सेज पर बैठे शतकवीर सचिन के दोस्त विनोद कांबली भी एक प्रतिभावान क्रिकेटर थे लेकिन अपनी गलतियों की वजह से उन्हें समय से पहले ही क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ा। मात्र 17 टेस्ट खेलने वाले कांबली के बारे में सचिन ने एक बार टेलिग्राफ से कहा था कि मैं प्रतिभा के बारे में बात नहीं करुंगा क्योंकि उसका निर्धारण करना मेरा काम नहीं है,लेकिन जहां तक अंतर का सवाल है तो मैं यही कहूंगा कि हम दोनों की लाइफ स्टाइल काफी अलग थी, हम दोस्त तो थे लेकिन हमारा नेचर काफी अलग था।

सचिन ने कहा था...हम दोनों काफी अलग हैं...
मेरी फैमिली को हमेशा पता होता था कि मैं कहां हूं, कैसे हूं, क्या कर रहा मालूम हो कि साल 2011 में विनोद कांबली ने क्रिकेट के हर प्रारूप से संन्यास ले लिया था हालांकि वो काफी लंबे समय से क्रिकेट की मुख्य धारा से अलग थे। फिल्मों, एलबम, एड करने के बाद अक्सर विनोद कांबली आपको न्यूज चैनल पर क्रिकेट एक्सपर्ट के रूप में नजर आते हैं और ऐसा कई बार लोगों ने देखा भी है कि जब सचिन मैदान में रनों की बौछार कर रहे होते थे तो विनोद जोर-जोर से उन्हें अपना दोस्त कहकर पुकारते थे।

शारदाश्रम स्कूल से खेलना शुरू किया
गौरतलब है कि कांबली और सचिन दोनों ने शारदाश्रम स्कूल से खेलना शुरू किया था। उनके बीच 664 रनों की जो साझेदारी हुई थी जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।

फिल्म
मालूम हो फिल्म में शारदाश्रम विद्यामंदिर टीम के स्कूली खिलाड़ियों से जुड़ी कुछ यादें भी शामिल हैं और शायद उसे देखकर ही विनोद इस तरह से इमोशनल हो गए।

सचिन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल एक बार फिर से कांबली ने अपने बचपन के मित्र को दिल से याद किया है, देखना दिलचस्प होगा कि सचिन 'आईलवयू टू' बोलते हैं या फिर हमेशा की तरह 'नो कमेंटस' बोलकर आगे चल देते हैं।


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