मुंबई। गॉड ऑफ इंडियन क्रिकेट यानी सचिन तेंदुलकर ने अपने 21 साल के बेदाग क्रिकेट करियर में ना किसी पर अंगुली उठायी और ना ही किसी से पंगा लिया इसलिए अब अगर उन्होंने अपनी किताब में पूर्व इंडियन कोच ग्रैग चैपल पर अंगुली उठायी है तो जाहिर है लोगों को सच लगेगा ही।
लेकिन कहते हैं ना हर चीज के दो पहलू होते हैं, उसी तरह कुछ लोगों ने सचिन के इस खुलासे को भी पब्लिसिटी स्टंट बता दिया है। कुछ समीक्षकों का मानना है कि सचिन ने अपनी किताब के प्रति लोगों की उत्सुकता बढ़ाने के लिए ग्रैग चैपल विवाद को ताजा किया है।
वेतुरी श्रीवत्स के मुताबिक एक खिलाड़ी के तौर पर सचिन के योगदान पर सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता। उन्हें भगवान मानने वाले उनके लिखे को सर आंखों पर रखेंगे ही और निश्चित तौर पर प्रकाशक जब ऐसे महान खिलाड़ी की आत्मकथा लेकर आते हैं तो उनका मकसद कुछ ऐसी चीजें लेकर आना होता है जो लेखक के समर्थकों को पुस्तक खरीदने पर विवश कर दें।
सचिन का खुलासा: रिंगमास्टर चैपल ने किया था गांगुली जैसे सीनियर प्लेयर्स का अपमान
इसलिए सचिन की किताब मार्केट में आने से पहले चर्चा का विषय बन गई है। वेतुरी श्रीवत्स ने तो यहां तक लिखा है कि तेंदुलकर ने जिस अंदाज में चैपल का बयान लिखा है, वह कुछ-कुछ मुंबई के दो सरगनाओं के बीच अपने-अपने अधिकार क्षेत्र को लेकर हो रही बातों की तरह है।
वास्तव में चैपल बिल्कुल नए विचारों के साथ भारत आए थे और उन्हें नहीं पता था कि वह सांप के बिल में हाथ डालने जा रहे हैं और उनके बिल्कुल नए विचारों को यहां कोई मानने वाला नहीं है।
चैपल ने सांप के बिल में हाथ डाला था
गौरतलब है कि अपनी बुक 'प्लेइंग इट माई वे' में सचिन ने लिखा है कि चैपल ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और कई सीनियर खिलाड़ियों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया। इसलिए जब चैपल गये तो किसी को दुख नहीं हुआ, टीम के किसी भी सदस्य को चैपल के बर्खास्तगी को लेकर निराशा नहीं थी। सचिन ने यह भी आरोप लगाया कि चैपल टीम के कई सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करना चाहते थे। सचिन के मुताबिक चैपल भारतीयी टीम की एकता को छिन्न-भिन्न कर देना चाहते थे। चैपल कई सीनियर खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहते थे। जिसे ग्रैग चैपल ने सिरे से नकार दिया है।