विश्व कप 2019 से पहले विराट कोहली के फॉर्म को लगा 'ग्रहण', आंकड़ों में पूरी कहानी
नई दिल्ली : विराट कोहली दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं इसमें शायद ही विश्वभर में किसी क्रिकेट प्रशंसक या विश्लेषक को शक हो लेकिन टीम इंडिया के इस 'रनमशीन' की एक ऐसी कमजोरी सामने आई है जो शायद भारतीय टीम के मिशन विश्व कप को फतह करने में बाधक बन सकता है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि खुद विराट के आंकड़े कह रहे हैं। विराट हाल के दिनों में अपने जीवन के बेस्ट फॉर्म में हैं उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में खेले टेस्ट मैचों में कई बेस्ट पारियां खेली हैं लेकिन जब बात ODI की आती है तो वो हाल के दिनों में में थोड़े आतुर (Tentative) दिखे और यह न्यूजीलैंड दौर के पहले तीन मुकाबलों में स्पष्ट रूप से देखा गया। जानिए क्यों विराट का फॉर्म भारतीय टीम के लिए थोड़ी चिंता की बात है, आंकड़ों में पढ़िए पूरी कहानी।

चार ODI में हुए 'फेल'
विराट जब भी मैदान पर होते हैं तो या तो वो किसी दिग्गज खिलाड़ी का बनाया रिकॉर्ड तोड़ते हैं या फिर कोई नया रिकॉर्ड बनाते हैं। क्रिकेट फैंस उन्हें अक्सर एक बड़ा स्कोर करते देखना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI श्रृंखला में झाय रिचार्डसन ने उन्हें तीन मैचों में तीन बार आउट किया। अक्टूबर 2017 के बाद यह पहला मौका है जब कोहली ने लगातार चार ODI मुकाबलों में कोई बड़ा स्कोर नहीं किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे मैच में पचासा तो जड़ा लेकिन बिना किसी खास दबाव के मैच खेल रहे कोहली शतक से चूक गए। इससे पहले के तीन मैचों में उनका स्कोर 46, 45 और 43 रहा है।

विदेशी पिचों पर कोहली हो जाते हैं आतुर
विराट कोहली एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टीम इंडिया को पिछले तीन सालों में मिली ODI जीत में बड़ी भूमिका निभाई है। नए गेंदबाज अब उन्हें आउट करने का तोड़ निकाल रहे हैं ऐसी स्थिति में कोहली का फॉर्म टीम इंडिया के लिए चिंता की बात है। कोहली जिस तरह के फॉर्म में पिछले तीन सालों से हैं उनका विकेट किसी भी मैच का रूख विश्व कप जैसे बड़े इवेंट में चंद सेकेंड में पलट सकता है। कोहली ने एडिलेड ODI में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी शतक जड़ा था लेकिन एकदिवसीय मुकाबलों में कई दफे क्रिकेट विश्लेषक यह कहते सुने और देखे गए हैं कि विदेशी पिचों पर विराट जल्दी गियर में आने के लिए और रन बनाने के लिए उत्सुक और आतुर दिखते हैं। ऐसी स्थिति में वो कई दफे अपना विकेट भी गंवा चुके हैं।

क्यों विराट की निरंतरता है जरूरी
विराट दुनिया की किसी भी पिच पर और किसी भी विपक्षी टीम के खिलाफ अपने दम पर मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। चेज करते हुए उन्होंने ODI में सर्वाधिक शतक भी जड़े हैं। विराट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई में 22 अक्टूबर 2017 को 121 रनों की पारी खेली थी। तब से लेकर अब तक उन्होंने ODI की 22 पारियों में 8 शतक और 4 अर्धशतक जड़े हैं। इस दौरान महज तीन बार ऐसा हुआ जब कोहली 30 रनों का आंकड़ा पार नहीं कर पाए। ICC के तीनों अवार्ड जीतने वाले कोहली साल 2018 से खेल के तीनों प्रारूप में बेस्ट फॉर्म में हैं और ऐसी स्थिति में उनसे हमेशा बड़े स्कोर की उम्मीद होती है।
विश्व कप 2019 : नंबर-4 के लिए रायडू और कार्तिक के बीच हो गई 'लड़ाई'

बेस्ट है कंवर्जन रेट
कोहली के पचासा को शतक में बदलने का कंवर्जन रेट औसतन 67% है जो विश्व में किसी भी बल्लेबाज से बहुत अधिक है। यही कारण है कि कोहली की निरंतरता टीम की जीत के लिए आवश्यक है। कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो ODI मुकाबलों के बाद तीसरे ODI में गेंदबाजों पर हावी नजर आए लेकिन ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ODI में उन्हें अपने शतक के लिए 150 मिनट की बल्लेबाजी करनी पड़ी और उनकी इस पारी में महज 5 चौके और 2 छक्के शामिल थे।विराट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ODI में 104 रनों की पारी खेली थी। अक्सर बाउंड्री में रन बनाने वाले कोहली के शतक से टीम को जीत तो मिली लेकिन उन्हें रनों के लिए दौड़-भाग अधिक करते देखा गया।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
