
भारत ने अच्छी बल्लेबाजी की
सचिन ने कहा कि जिस तरह से विराट कोहली टाइम कर रहे थे वह काफी अच्छा था, उन्होंने सही समय पर अपना गियर बदला, उन्होंने रोहित शर्मा को सपोर्ट किया, जो उस वक्त काफी जरूरी था क्योंकि रोहित शर्मा अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। भारत के 324 रन के लक्ष्य के बारे में बात करते हुए सचिन ने कहा कि हमारे तेज गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं, ऐसे में जरूरत है कि हमारे गेंदबाज दबाव को बेहतर तरीके से हैंडल करें।

पाकिस्तान के खिलाफ मैच का रोमांच अलग
भारत की गेंदबाजी काफी बैलेंस है, आपके बल्लेबाज गेंदबाजी भी कर सकते हैं और गेंदबाज बैटिगं भी कर सकते हैं, जब इस तरह का मिश्रण मिल जाता है तो टीम काफी बेहतर हो जाती है। 2015 के विश्वकप में मैंने कहा था कि बुमरा मेरे लिए डार्क हॉर्स है, उनकी सीखने की क्षमता काफी अच्छी है, वह बात को काफी ध्यान से सुनते हैं और उसका पालन करते हैं। उमेश यादव बहुत ही अच्छे हैं, उनकी सीम पोजिशन काफी अच्छी है, वह लाइन लेंथ पर काफी ध्यान देते थे। भारत पाकिस्तान के मैच के बीच के रोमांच के बारे में बात करते हुए सचिन ने कहा कि जबतक आप ग्राउंड पर नहीं उतरते हो भारत पाकिस्तान के मैच का माहौल आपको नहीं पता चलता है, मैदान में उतरने के बाद ही आप इस मैच के रोमांच को समझ सकते हैं।

फिल्म के बारे में साझा किया अनुभव
अपनी फिल्म सचिन के बारे में बात करते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा कि फिल्म पूरी तरह से वास्तविक दृश्यों पर आधारित है। 5 साल की उम्र से आजतक जो भी मेरे साथ हुआ है वह इस फिल्म में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा 5 साल के सचिन की भी शूटिंग मेरे घर पर हुई है, 11 साल का सचिन जब खेलता है वह भी मेरी कॉलोनी में शूट हुआ है। वीरेंद्र सहवाग के बारे में बात करते हुए सचिन ने कहा कि वीरू के साथ मेरा अनुभव कमाल का रहा है, वीरू ने फिल्म मेरे बारे में काफी बात की है, अच्छी बात की है, ,उसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं।

सहवाग काफी जोक क्रैक करता था
सचिन ने कहा कि सहवाग और हम काफी सारे जोक्स क्रैक करते थे, हम हमेशा सीरीयस बात नहीं करते थे, लेकिन जब मैच के दौरान बहुत ज्यादा होता था तो मैं वीरू से कहता था क अब बस हो गया अब फोकस करते हैं। सचिन ने कहा कि मैं हमेशा नंबर दो पर बैटिंग करता था, टेस्ट में मेरा 4 नंबर है, इस नंबर पर मैं सहज महसूस करता था। पाकिस्तान के खिलाफ सेंचूरियन मैच के बारे में सहवाग ने कहा कि वह बीती रात से ही सचिन से कह रहे थे कि पहली गेंद वही खेलें।

सहवाग की सोच अलग थी
सचिन के साथ के अनुभव के बारे में बात करते हुए सहवाग ने कहा कि जब मैं रनर बनकर आता था, सचिन कहते थे कि अगर मुझे रन आउट कराया तो देख लेना पूरा हिंदुस्तान देख लेगा। वहीं सचिन ने कहा कि जब वीरू नया-नया आया था तो जब भी मैं वीरू को कुछ बताता था वह कुछ और ही सोचना था, उसका सोचने का तरीका अलग था, जब वीरू सेंचूरियन पर आउट हुआ, वीरू बोला मैं गलत खेला था, मुझे गेंद को छोड़ना चाहिए था, छक्का मारने के लिए हुक नहीं करना चाहिए था।


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