न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हैमिल्टन टेस्ट में शानदार शतक लगाने के बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि वे अपने शतकों को गिनते नहीं हैं बल्कि ये काम दूसरों के लिए छोड़ देते हैं.
हैमिल्टन टेस्ट के तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सचिन ने ये बातें कही.
उन्होंने कहा, "मैं थोड़ा अंधविश्वासी हूँ. मैं इन सब चीज़ों के बारे में ज़्यादा नहीं सोचता. शतकों की गिनती मैं दूसरों पर छोड़ देता हूँ. मैं तो सिर्फ़ बल्लेबाज़ी करता हूँ."
तेंदुलकर ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे में शतक लगाया था.
उसके बाद वे दो वनडे मैचों में नहीं खेले थे. लेकिन जब पहले टेस्ट के लिए मैदान में उतरें, तो शतक जड़ दिया.
तेंदुलकर हैमिल्टन टेस्ट की पहली पारी में 160 रन बनाकर आउट हुए.
जब सचिन से यह पूछा गया कि जिस तरह उन्होंने शतक लगाया, क्या वे उससे ख़ुश हैं, सचिन ने कहा- नई गेंद लिए जाने के बाद मेरी टाइमिंग और अच्छी हो गई थी. इसके बाद चीज़ें बदल गईं. हर बार आप 100 में 100 गेंद पर अच्छा ड्राइव नहीं कर सकते. लेकिन यही तो टेस्ट क्रिकेट है.
तेंदुलकर ने उम्मीद जताई कि टेस्ट मैच का नतीजा भारत के पक्ष में होगा. उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि हम मज़बूत स्थिति में हैं. ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत अच्छा है."
उन्होंने कहा कि हैमिल्टन टेस्ट के दौरान साझेदारियों के कारण ही भारत इस स्थिति तक पहुँचा है.