नई दिल्ली। स्पॉट फिक्सिंग के मामले में मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। जिसके तहत बीसीसीआई से निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर कोर्ट ने कड़ा ही रूख अपनाया है। कोर्ट ने श्रीनिवासन पर फटकार लगाते हुए तीन विकल्प दिये हैं और वो निम्नलिखित हैं
1. बीसीसीआई अध्यक्ष का चुनाव बिना श्रीनिवासन के हो और इसके लिए नये बीसीसीआई बॉ़डी का गठन किया जाये।
2.बीसीसीआई गवर्निंग काउंसिल की एक बॉडी का गठन जो कि स्पॉट फिक्सिंग से जुड़े मुद्दे देखे।
3. पूर्व जजों की एक कमेटी का गठन किया जाए जो बीसीसीआई चुनावों से जुड़े मुद्दे देखे।
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कोर्ट को इस बात से आपत्ति है कि जब श्रीनिवासन तमिलनाडु क्रिकेट संघ की बैठकों का हिस्सा क्यों बने, जिस पर श्रीनिवासन ने खेद जताया है। इससे पहले भी कोर्ट यह मानने को तैयार नहीं थी कि सट्टेबाजी में लिप्त पाए गए श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन का चेन्नई सुपर किंग्स के टीम अधिकारी के तौर पर उस समय होना हितों का टकराव नहीं है।
न्यायालय ने श्रीनिवासन से उनकी कंपनी इंडिया सीमेंट्स के स्वामित्व वाली आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स के टीम प्रिंसिपल पद पर नियुक्त और सट्टेबाजी के आरोपी उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन के संदर्भ में यह स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि वह याचिकाकर्ता बिहार क्रिकेट संघ द्वारा श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अगले चुनाव में खड़े होने से रोकने और चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाइजी रद्द किए जाने की मांग पर भी विचार करेगी।