मेलबर्न। विश्वकप में भारत का बेहतरीन प्रदर्शन जारी है। भारत ने अभी तक खेले सभी मैचों में जीत हासिल की है। भारत ने अपने विश्वकप अभियान कप की प्रबल दावेदार दक्षिण अफ्रीका को बुरी तरह पटखनी दी है।
टीम का साझा प्रयास ही बना रहा टीम इंडिया को श्रेष्ठ
इस विश्वकप में भारत और न्यूजीलैंड एक मात्र अजेय टीम हैं जिन्हें हार का मुंह नहीं देखना पड़ा है। बावजूद इसके भारत का एक भी गेंदबाज या बल्लेबाज टॉप रैंकिंग में नहीं है। लेकिन यह आंकड़ा भारत के पक्ष में जाता दिख रहा है। इस आंकड़े से साफ है कि भारत किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है बल्कि सभी खिलाड़ी अपना साझा प्रयास टीम को दे रहे हैं।
कोई नहीं टॉप पर फिर भी टीम इंडिया टॉप पर
शिखर धवन ने टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। लेकिन टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले कुमार संगाकार के 496 से कहीं पीछे हैं। टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूचि में धवन सातवें स्थान पर हैं। लेकिन अगर टीम इंडिया के बल्लेबाजों का साझा औसत देखें तो टीम इंडिया सभी अन्य टीमों से कहीं आगे है। जिसकी मुख्य वजह है भारत की आठवें नंबर तक मजबूत बल्लेबाजी।
कप्तान धोनी हैं विश्वकप में तुरुप का इक्का
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कप्तान के तौर पर टीम के लिए सबसे बेहतरीन 83 के एवरेज से बैंटिंग करते हैं। जोकि इस टूर्नामेंट में सभी टीमों की तुलना में सबसे बेहतरीन है। धोनी ने हर मौकों पर आगे आकर जिस तरह से टीम की कमान संभाली है वह उन्हें सबसे बेहतरीन कप्तान बनााती है
भारतीय बल्लेबाजों का औसत
महेंद्र सिंह धोनी- 83
विराट कोहली- 75,25
सुरेश रैना- 70.66
शिखर धवन- 56.16
आजिंक्या रहाणे- 36.25
रोहित शर्मा- 31.18
अगर इस सभी छह बल्लेबाजों के साझा औसत पर नजर डालें तो यह 58.85 है। जोकि टूर्नामेंट में अन्य टीमों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ है। वहीं भारत की गेंदबाजी पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा विकेट लेने या सबसे ज्यादा मेडन ओवर डालने का रिकॉर्ड अन्य टीमों के गेंदबाजों के नाम है। भारत की ओर से मोहम्मद शमी सबसे सफल गेंदबाज हैं। शमी ने टूर्नामेंट में 15 विकेट लिये हैं। जबकि ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क के नाम 16 विकेट हैं। वहीं न्यूजीलैंड के ट्रैंट बोल्ट के नाम 15 विकेट हैं।
यही नहीं भारतीय गेंदबाजों ने अपने सभी 6 मैचों में विरोधी टीम के सभी 60 विकेट हासिल करने में सफलता पायी जो भारत की बेहतरीन गेंदबाजी को जाहिर करता है। यही नहीं टीम इंडिया ने यूएई की टीम को महज 102 रनों पर महज 18.5 ओवर में ऑलआउट कर दिया था।