जब पाकिस्तान को आखिरी गेंद पर बनाने थे 90 रन, आखिर क्या है यह डकवर्थ लुईस नियम
नई दिल्ली : विश्व कप के इतिहास में वर्ल्ड कप 2019 क्रिकेट का पहला ऐसा टूर्नामेंट है जब बारिश की वजह से सबसे अधिक मैच रद्द हुए हैं। भारत-पाकिस्तान के मुकाबले के दौरान भी बारिश की वजह से कई बार खेल बाधित हुआ। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को 337 रनों का लक्ष्य दिया लेकिन जब 35वें ओवर की समाप्ति के बाद मैच रूका तब पाकिस्तान का स्कोर डकवर्थ लुइस नियम (DLS) के तहत 252 रन होना चाहिए था। आखिर क्या है यह नियम जिसके हिसाब से बारिश से बाधित खेल में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को एक पहाड़ सा लक्ष्य मिल जाता है जो कई बार हासिल करना असंभव हो जाता है।

जब आखिरी गेंद पर चाहिए थे 90 रन
टीम इंडिया के लिए टॉस हारना पाकिस्तान के खिलाफ फायदे का सौदा रहा और भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में पाकिस्तान को 337 रनों का लक्ष्य दिया और यह लक्ष्य मैच के बीच में लगातार हो रही बारिश के बाद पाकिस्तान के लिए मुश्किल होता चला गया। वर्ल्ड कप 2019 में बारिश से बाधित मैच में 75 मिनट का रिजर्व टाइम दिया गया है जिसके बाद दोनों टीमों के ओवर कटने शुरू हो जाते हैं। एक समय पाकिस्तान का स्कोर 35 ओवर की समाप्ति पर 166 रन था और उनके 6 विकेट गिर चुके थे। बारिश के बाद जब मैच फिर से शुरू हुआ तो पाकिस्तान को (DLS) नियम के मुताबिक 30 गेंदों में 136 रन चाहिए थे। यह लक्ष्य हासिल करना असंभव था और पाकिस्तान को आखिरी गेंद पर 90 रनों की दरकार थी और वो यह मैच 89 रनों से हार गए, जानिए क्या है यह नियम जो आज भी क्रिकेट जगत में एक अबूझ पहेली है।
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क्या है DLS नियम
इस नियम का नाम इसको बनाने वाले लोगो के नाम पर रखा गया है। इसको फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुइस ने इजाद किया था। यह नियम क्रिकेट की सबसे आसान समझ पर काम करता है। हर कोई जानता है कि क्रिकेट में रन बनने में सबसे ज्यादा दो ही चीजें अहम रोल निभाती हैं- ओवर और रन। मान लीजिए एक 50 ओवर के खेल में पूरे 50 ओवर अभी खेले जाने बाकी है और कुल 10 विकेट भी हाथ में हैं तो उस टीम के पास रन बनाने के साधन पूरे 100 प्रतिशत हैं। मोटे तौर पर कहा जाए तो यह नियम रन बनाने के इस साधन पर टिका है।

विकेट और ओवरों का है खेल
जैसे जैसे टीम अपने ओवर इस्तेमाल करती जाती है और विकेट खोती जाती है, उसके साधन भी उसी हिसाब से कम होते जाते हैं। यानी कि खेल आगे बढ़ने के साथ टीम के ओवर और विकेट कम जैसे जैसे कम होते रहते हैं, उसी हिसाब से उस टीम के रन बनाने के साधन भी कम होने लगते हैं। अगर कोई टीम बाद मे बल्लेबाजी करती है और बारिश आ जाती है तो इसका सीधा मतलब है कि उनको पहली टीम के मुकाबले कम साधन मिल रहे हैं और उसी हिसाब से उनका टारगेट बढ़ा दिया जाता है।

ऐसे होती है गणना
विश्व कप में बारिश से बाधित मैच में दोनों टीमों को समान ओवर खेलने के लिए दिए जाते हैं, डकवर्थ लुइस नियम लगने के बाद चेज करने वाली टीमों का टारगेट बढ़ा दिया जाता है। मान लीजिए कि बारिश से पहले खेलने वाली टीम 40 ओवर बाद 7 विकेट पर 190 रन बना चुकी थी तो डकवर्थ लुईस नियम के हिसाब से उस टीम के पास अभी 20.6 प्रतिशत साधन बाकी थे यानी उसने पूरे मैच में 100 प्रतिशत की जगह केवल 79.4 प्रतिशत ही साधन इस्तेमाल किए। वर्ल्ड क्रिकेट में यह स्कोरबोर्ड शायद ही कोई शख्स भूला होगा जब दक्षिण अफ्रीका को एक गेंद पर जीत के लिए 23 रन बनाने थे।

ये है सारा खेल
इस नियम के तहत दूसरी टीम को भी खेलने के लिए अब केवल 40 ओवर ही मिलेंगे। यानी यह टीम भी 100 प्रतिशत साधन की जगह केवल 90.3 प्रतिशत साधन ही इस्तेमाल करेगी। इस तरह से दोनों टीमों से संतुलन करने के लिए दूसरी टीम के साधन में से पहली टीम के साधन को घटा दिया जाएगा। यानी की 90.3 - 79.4 = 10.9 प्रतिशत। इस तरह से दूसरी टीम के लक्ष्य को अब 10.9 प्रतिशत बढ़ा दिया जाएगा। मान लीजिए कि 50 ओवर में 235 रन औसत हैं तो इन रनों का 10.9 प्रतिशत मोटे तौर पर 22 रन होते हैं। इस तरह से अब दूसरी टीम को 40 ओवरों में अब 212 रन जीत के लिए बनाने होंगे।
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