वर्ल्ड कप के वो 6 यादगार मैच जब भारत ने पाकिस्तान को चटाई धूल
नई दिल्ली। साल 2017 में हुई आईसीसी चैंपियंस ट्राॅफी के फाइनल के बाद भारत और पाकिस्तान का मुकाबला इंग्लैंड एंड वेल्स में जारी आईसीसी वर्ल्ड कप के दाैरान मैनचेस्टर में होगा। दोनों देशों के फैंस को इस मुकाबले का बेसब्री का इंजतार है। यह वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि भारत का पलड़ा इस बार भी भारी माना जा रहा है। विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम 2 मुकाबले जीत चुकी है जबकि एक बारिश की भेंट चढ़ा। वहीं पाकिस्तान 4 मैचों में 2 हार चुकी है। दोनों देशों के बीच वर्ल्ड कप में अभी तक 6 बार आमना सामना हुआ है जिसमें हर बार भारत ने बाजी मारी। तो आइए जानें उन 6 यादगार मैचों के बारे में जब भारत ने पाकिस्तान को चटाई धूल।

पहला मैच- भारत 43 रनों से जीता
भारत-पाकिस्तान के बीच विश्व कप का पहला मैच 4 मार्च 1992 को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था। मोहम्मद अजहरुद्दीन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। सचिन तेंदुलकर के नाबाद 54 रनों और अजय जडेजा के 46 रनों की बदौलत इस मैच में पाकिस्तान के सामने 217 रनों का लक्ष्य रखा। भारतीय पारी में कप्तान अजहरुद्दीन (32) और कपिल देव (35) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम के विकेट लगातार गिरते रहे और उसकी पारी 173 रनों पर सिमट गई। भारत ने इस मुकाबले में 43 रनों से बाजी मारी और सचिन तेंदुलकर को 'मैन ऑफ द मैच' अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया।

दूसरा मैच- भारत 39 रनों से जीता
इन दोनों देशों के बीच दूसरा मैच 9 मार्च 1996 में एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया। भारतीय टीम को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ना पड़ा। भारत ने सलामी बल्लेबाज़ नवजोत सिंह सिद्धू के 93 रनों की बदौलत 46 ओवर तक 236 रन बना लिए थे। इसके बाद अजय जडेजा ने एक अविस्मरणीय पारी खेली और पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज और इन-स्विंग यॉर्कर के महारथी वकार यूनुस के दो लगातार ओवर्स में 18 और 22 रन बटोरे. स्लॉग ओवर्स में वकार इन-स्विंग यॉर्कर डालेंगे जडेजा को अहसास था और उन्होंने उस गेंद का इंतजार किया और उस पर छक्के जड़े। 25 गेंदों पर जडेजा के 45 रनों की बदौलत भारत ने 287 रनों का लक्ष्य रखा। जब पाकिस्तान बल्लेबाज़ी के लिए उतरा तो आमिर सोहेल ने ज़बरदस्त बैटिंग की और एक वक्त पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 113 रन था। वेंकटेश प्रसाद की गेंदों पर छक्के जड़ने के बाद आमिर के साथ मैदान पर ही उनकी नोंकझोंक हुई। लेकिन इसके बाद वेंकटेश ने आमिर की गिल्लियां बिखेरते हुए उन्हें पवेलियन जाने का इशारा किया। मिडिल ऑर्डर में जावेद मियांदाद और सलीम मलिक ने उम्दा पारियां खेलीं. हालांकि भारतीय स्पिन गेंदबाजों, अनिल कुंबले और वेंकटपति राजू के आगे पाकिस्तान के बल्लेबाज देर तक नहीं टिक सके और भारत 39 रनों से यह मुकाबला जीत गया।

तीसरा मैच- भारत 47 रन से जीता
भारत-पाकिस्तान का तीसरी बार आमना-सामना 1999 में हुए वर्ल्ड कप में 8 जून को इंग्लैंड के मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड हुआ। इस मैच में भी भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए छह विकेट पर 227 रनों का स्कोर खड़ा किया, जिसमें सचिन (45) और राहुल द्रविड़ (61) के योगदान अहम रहे। कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी 59 रन बनाए पाकिस्तान इस मैच में 45.3 ओवरों में 180 रन बनाकर धराशायी हो गया था। भारत के लिए वेंकटेश प्रसाद ने पांच और जवागल श्रीनाथ ने तीन विकेट चटकाए थे।
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चाैथा मैच- भारत 6 विकेट से जीता
वर्ल्ड कप में चाैथी बार इनकी टक्कर दक्षिण अफ़्रीका के सेंचुरियन में 1 मार्च 2003 में हुई। वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ चौथी बार मैदान पर उतरी पाकिस्तान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सईद अनवर (101) की शतकीय पारी की बदौलत 273 रनों का शानदार स्कोर खड़ा किया। लेकिन भारतीय टीम ने सचिन तेंदुलकर (98) और वीरेंद्र सहवाग (21) की बदौलत शानदार शुरुआत की। द्रविड़ (नाबाद 44) और युवराज सिंह (नाबाद 50) ने 26 गेंद बाकी रहते टीम को जीत दिला दी। यह वहीं टूर्नामेंट था जिसमें 1983 के बाद पहली बार भारतीय टीम फ़ाइनल में पहुंचने में कामयाब रही थी। इस विश्व कप में सचिन 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' थे।

पांचवां मैच- भारत 29 रन से जीता
साल 2011 में हुए वर्ल्ड कप में मोहाली में 30 मार्च को भारत-पाकिस्तान के बीच मैच हुआ। भारत-पाकिस्तान 2007 के वर्ल्ड कप में आपस में नहीं भिड़ सके थे। दोनों ही टीमें इसके पहले ही दौर से बाहर हो गई थीं। लेकिन एक बार फिर 2011 में दोनों टीमें आमने-सामने थीं। भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 9 विकेट पर 260 रन बनाए। सहवाग ने 38 और धोनी ने 36 रन बनाए। सचिन तेंदुलकर (85) एक बार फिर वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के संकटमोचक बनकर उभरे। उन्होंने 85 रनों की पारी खेली जिसकी बदौलत ही चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा हो सका। हालांकि मैच जीतने के लिए इतने रन पर्याप्त नहीं थे लेकिन भारत के सभी पांच गेंदबाजों (जहीर खान, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह और युवराज सिंह) ने सधी हुई गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट लिए और पाकिस्तान की टीम मिस्बाह उल हक (56) की संघर्षपूर्ण पारी के बावजूद 231 रनों पर ढेर हो गई।

छठा मैच- भारत 76 रन से जीता
2015 में हुए वर्ल्ड कप में आखिरी बार इन दोनों देशों के बीच ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ओवल में 15 फरवरी को सामना हुआ। भारत ने इस मुक़ाबले को 76 रनों से जीता. इसके साथ ही वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत का रिकॉर्ड 6-0 हो गया। इस मैच में कप्तान धोनी ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फ़ैसला किया। विराट कोहली के 107, सुरेश रैना के 74 और शिखर धवन के 73 रनों की बदौलत एक वक्त भारतीय टीम ने तीन विकेट पर 284 रन बनाकर बेहद मजबूत दिख रही थी लेकिन इसके बाद अगले 12 रनों तक चार विकेट गिर गए। इसके बाद जब पाकिस्तान बल्लेबाज़ी करने उतरा तो मोहम्मद शमी और मोहित शर्मा ने बेहद सधी हुई गेंदबाज़ी की। पाकिस्तान के विकेट लगातार अंतराल पर गिरते रहे और पूरी टीम 224 पर ढेर हो गई। इसके साथ ही भारत को वर्ल्ड कप में पाकिस्तान पर (रनों के लिहाज से) सबसे बड़ी जीत मिली।
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