नई दिल्ली। 'गुडबाय ओ शेरा, बड़ा याद आएगा तू शेरा', मशहूर गायक शान द्वारा गाए गए इस गीत के साथ पूरे देश ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के शुभंकर शेरा को विदाई दी।
एशियाई खेलों के शुभंकर अप्पू की तरह शेरा भी बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। शेरा और शान ने साथ-साथ एक ऑटोरिक्शा में बैठकर स्टेडियम में प्रवेश किया। शेरा हाथ हिला-हिलाकर लोगों का अभिनंदन कर रहा था और पूरा स्टेडियम शेरा की शान में गीत गा रहा था।
यह पल भावनात्मक था। जिस खेल के लिए भारत ने आठ वर्ष तक इंतजार किया और इन खेलों के माध्यम से शेरा को पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाया, उस शेरा को अब लोग तस्वीरों और टेलीविजन फुटेज में ही देख सकेंगे। खेलों के दौरान शेरा ने खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों का भी सम्मान बढ़ाया।
वह बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। बच्चों ने हमेशा शेरा के साथ तस्वीर खिंचवाना पसंद किया। पूरे खेलों के दौरान शेरा को दरकिनार किए जाने की व्यापक आलोचना के बाद समापन समारोह में स्टेडियम पर आते ही दर्शकों ने शेरा का जबरदस्त स्वागत किया। शेरा को मिली तालियों से शेरा के लिए दर्शकों और दिल्ली वालों का प्यार साफ झलक रहा था।