ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धमाकेदार वापसी कर फाॅर्म में लाैट चुके हैं शिखर धवन

By R Kaushik

नई दिल्ली। दुनिया के किसी भी परफार्मर के सामने बड़ी स्टेज के आगे प्रदर्शन करने की चुनौती रहती है। जितनी बड़ी स्टेज होती है, उतना ही ज्यादा दबाव हो सकता है। आप चाहे कितने भी प्रतिभाशाली हों, कितने ही कौशलयुक्त हों, कितने ही परिपूर्ण हों, लेकिन फिर भी एक बड़े प्लेटफॉर्म पर आपको ध्यान से देख रहे दर्शकों के सामने प्रदर्शन करने में आप में जरा भी हिचक है तो फिर उपरोक्त में से भी कोई भी खूबी कोई मायने नहीं रखती है।

शिखर धवन ने स्पष्ट रूप से उस शब्द के बारे में नहीं सुना है। मार्च 2013 में अपने पहले टेस्ट मैच में, उन्होंने मोहाली में 187 रनों की पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाने की शुरुआत की। इससे चरणों की भव्यता पर सफलताओं का एक क्रम शुरू हुआ; विशेष रूप से वैश्विक टूर्नामेंटों में, धवन ने इस विश्व कप में आने वाले अपने प्रभावशाली रिकॉर्ड को दोहराते हुए, इस आयोजन की गंभीरता को सकारात्मक रूप से खिलाया।

सलामी बल्लेबाजों से थी कड़े प्रदर्शन की उम्मीद

सलामी बल्लेबाजों से थी कड़े प्रदर्शन की उम्मीद

इस टूर्नामेंट से पहले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व कप में 19 मैचों में, धवन ने 62.28 की अविश्वसनीय एवरेज से पांच शतक और चार अर्द्धशतक बनाकर 1,121 रन बनाए थे। रोहित शर्मा और धवन ने मिलकर भारतीय टीम के लिए जमबूत स्तंभ बना दिया। साउथेम्प्टन में उनका शानदार दिन नहीं रहा, लेकिन उन्होंने रविवार (9 जून) को सीधे अंग्रेजों की धरती में शानदार कॉमन्सेंस और अचेतन कौशल की पारी के साथ रिकॉर्ड की झड़ी लगा दी।

भारत ने ऐतिहासिक रूप से अपनी ओपनिंग शुरुआत पर भरोसा किया है, जो मध्य क्रम को फिर खुले से खेलने का माैका देता है। जब टीम तीसरे विश्व कप खिताब को हासिल करने के लिए 20 दिन पहले इंग्लैंड पहुंचे, तो उन्होंने फिर से अपने सलामी बल्लेबाजों से कड़े प्रदर्शन की उम्मीद की। वो इसलिए, कि धवन-रोहित का बल्ला कंगारूओं के खिलाफ खूब चलता है।

अच्छी शुरूआत खोलेगी सेमीफाइनल का रास्ता

अच्छी शुरूआत खोलेगी सेमीफाइनल का रास्ता

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सलामी बल्लेबाज रोहित ने महत्वपूर्ण नाबाद 122 रनों की पारी में निराश नहीं किया। धवन ने 117 रन बनाकर द ओवल में पीछा किया, जिसमें भारत ने 36 रन की जीत के साथ दूसरी जीत हासिल की। गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया। परिणाम एक से अधिक तरीकों से महत्वपूर्ण था। भारत के पास अपने लीग अभियान के पहले भाग में अजेय ही हासिल हुई है, और एक अच्छी शुरुआत उन्हें सेमीफाइनल की ओर जाने का रास्ता खेलेगी। ऑस्ट्रेलिया भी, विश्व कप टूर्नामेंट में सही चल रहा है। वास्तव में, भारत को विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 11 मैचों में 8 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। लेकिन इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को खेल में एक जिम्मेदार खिलाड़ी की जरूरत थी। धवन इस स्थिति में भारत के इतिहास में सबसे कम उम्र के बल्लेबाज हैं।

धैर्य से खेले धवन

धैर्य से खेले धवन

पैट कमिंस और मिशेल स्टार्क ने नई गेंद पर हमला किया, पर धवन ने धैर्य से खेला। लेकिन धवन ने इसके बाद कुछ ओवरों में कुछ गेंद समझीं, फिर प्रहार करना शुरू कर दिया। उन्होंने नाथन कोल्टर की गेंद को ऑफ-द-मिडिल बाउंड्री पर मारा, इसी ओवर में 2 और बाउंड्री लगी।। इन तीनों सीमाओं के बाद दर्शकों का अंकुरण शुरू हुआ। धवन ने अपनी ताकत के बजाय समय पर खेलते हुए शानदार भूमिका निभाई। उन्होंने रविवार को अपना अद्भुत और सटीक समय खेल दिखाया। मैच के नाैवें ओवर में जब उनकी उंगली पर चोट लगी तो ड्रेसिंग रूम से यही प्राथनाएं थी कि चोट कहीं गंभीर ना हो लेकिन धवन ने इसे दरकिनार करते हुए टीम के लिए अंत अपना योगदान दिया जो उनकी महानता को दर्शाता है।

Story first published: Tuesday, June 11, 2019, 0:15 [IST]
Other articles published on Jun 11, 2019
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+