'मैं यहां मैच जिताने आया हूं, हार्दिक को हटाने के लिए नहीं'- पांड्या की वापसी पर बोले दुबे

नई दिल्ली: पिछले साल रणजी ट्रॉफी से लेकर भारत-ए तक के लिए शिवम दूबे एक ऐसे समय कमाल कर रहे थे जब हार्दिक पांड्या और विजय शंकर चोट से जूझ रहे थे, जिसके चलते दुबे को भारत की टीम में शामिल भी किया गया।

मुंबई के ऑलराउंडर ने अपने 13 T20I और एक वनडे में अब तक एक उतार-चढ़ाव भरी यात्रा की है। हार्दिक के रिप्लेसमेंट के रूप में देखे जाने वाले इस सिक्स-हिटिंग सनसनी ने खुद इस बारे में बात की है कि वे टीम इंडिया में अपनी जगह को किस तरह से देखते हैं और उनकी हार्दिक पांड्या से क्या कोई प्रतियोगिता भी है।

भारत ए से टीम इंडिया के सफर के बीच द्रविड़ अहम कड़ी-

भारत ए से टीम इंडिया के सफर के बीच द्रविड़ अहम कड़ी-

स्पोर्ट्स स्टार के साथ हुई इस बातचीत में दुबे ने भारत ए के अनुभव से शुरुआत करते हुए बताया कि राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में खेलना उनके लिए बहुत ही अच्छा था। दुबे ने बताया कि भारतीय टीम में अपनी जगह की अचानक ऐसे उम्मीद नहीं कर रहे थे क्योंकि उनका ध्यान केवल अपने प्रदर्शन पर था लेकिन जैसे ही बुलावा आया वह उनके लिए बहुत खुशी का मौका था।

'हार्दिक से तुलना का सवाल बार बार आता है'

'हार्दिक से तुलना का सवाल बार बार आता है'

दुबे को क्रिकेट में इंटरनेशनल स्तर पर अभी कम ही मौके ही लेकिन जितने भी मौके मिले हैं उनमें तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ नंबर तीन पर बनाए गए 30 गेंदों पर 54 रन उनके खास हैं।

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हालांकि वनडे टीम में दुबे को खास मौका नहीं मिला है और अब हार्दिक पांड्या की भी वापसी हो चुकी है। ऐसे में दुबे अपनी जगह को टीम में कैसे दिखते हैं और क्या हार्दिक पांड्या उनके लिए किसी तरह का खतरा हैं? इस पर बात करते हुए दुबे ने कहा-

हार्दिक एक सीनियर और अहम खिलाड़ी

हार्दिक एक सीनियर और अहम खिलाड़ी

"जब भी मुझे याद दिलाया जाता है कि आप हार्दिक पांड्या की जगह लेने के लिए हैं, तो मैंने कहा: "नहीं, मैं यहां हार्दिक पांड्या की जगह लेने के लिए नहीं हूं, मैं यहां अच्छा प्रदर्शन करने और भारत के लिए मैच जीतने के लिए हूं। जाहिर तौर पर हार्दिक एक सीनियर और अहम खिलाड़ी हैं, इसलिए जब भी वह फिट होते हैं, टीम में कदम रखने वाले हैं।"

'एक ऑलराउंडर से भले दो'

'एक ऑलराउंडर से भले दो'

"मुझे लगता है कि दो ऑलराउंडरों के साथ खेलना हमेशा किसी भी टीम के लिए अच्छा होता है। यह कप्तान को कई विकल्प देता है। मुझे लगता है कि दो ऑलराउंडरों के साथ मैच जीतने का प्रतिशत अधिक है।"

इसी बीच दुबे ने रोहित शर्मा के साथ का वह किस्सा याद दिया जिसको वो अपने लिए अब की बेस्ट तारीफ मानते हैं। दुबे ने बताया-

'रोहित के ये शब्द अब तक के बेस्ट'

'रोहित के ये शब्द अब तक के बेस्ट'

"रोहित भाई (शर्मा) ने मुझे बताया कि मैं एक बल्लेबाज के रूप में भारत के लिए कई साल खेल सकते हैं और ऑलराउंडर के स्तर पर मुझे अपनी गेंदबाजी पर काम करना होगा।"

दुबे ने बताया उन्होंने अगले 12 महीनों के लिए अपने लिए कई तरह के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। वे अपनी फिटनेस पर काम करना चाहते हैं और एक बेहतर क्रिकेटर बनने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।

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Story first published: Wednesday, March 18, 2020, 12:53 [IST]
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