नई दिल्ली। आईपीएल में कोलकाता नाईट राइडर्स की तरफ से खेलते हुए शुबमन गिल ने खूब सुर्खियां बटोरीं थी। शुबमन ने बहुत ही जल्द करोड़ों फैंस बना लिए, साथ ही राष्ट्रीय टीम में कदम रखने का माैका भी हासिल कर लिया। 20 साल के शुबमन को विंडीज दाैरे पर माैका नहीं मिला लेकिन उन्होंने इस महीने की शुरुआत में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दोहरा शतक लगाकर अपना दावा फिर से मजबूत कर लिया है। हालांकि अपनी कामयाबी के पीछे वो पूर्व दिग्गज राहुल द्रविड़ और आलराउंडर युवराज सिंह का हाथ मानते हैं। उन्होंने बताया कि इन दोनों दिग्गजों से कुछ ऐसी सीख मिली है जो हमेशा याद रहेगी।
शुबमन कोच द्रविड़ के मार्गदर्शन में अंडर-19 टीम के लिए खेल चुके हैं। गिल ने कहा , राहुल सर भारतीय अंडर 19 टीम और फिर भारत ए के समय से मेरे कोच हैं। उनसे सबसे अच्छी सलाह जो मुझे मिली, उसे मैं हमेशा याद रखता हूं। वह कहते थे कि हालात कुछ भी हो, मुझे अपना स्वाभाविक खेल नहीं बदलना है। उन्होंने कहा मुझसे कहा कि यदि मैंने अपना खेल बदला तो वह स्वाभाविक नहीं होगा और उससे सफलता नहीं मिलेगी। उसका फोकस चुनौतियों का मानसिक रूप से सामना करने पर ही रहेगा। उन्होंने आगे कहा, "द्रविड़ सर ने कहा कि अगर हमें तकनीकि तौर पर और मजबूत होना है, तो हम जो भी जरूरी बदलाव करते हैं वो हमारे बेसिल खेल के अंतर्गत ही होने चाहिए।
विंडीज में लिस्ट ए मैचों में 'प्लेयर आफ द सीरिज रहे गिल ने कहा, ''उस सीरीज से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। मैं इस तरह की पारियों को दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ बड़े स्कोर में बदलना चाहता हूं।''तमाम सुर्खियों के बावजूद गिल के पैर जमीन पर है और उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसके बारे में क्या कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, ''मैदान से बाहर आने पर ही आपको पता चलता है कि आपके बारे में क्या कहा जा रहा है। मैदान पर उतरने के बाद ये सब भूल जाते हैं। आप सिर्फ मैच जीतने पर फोकस करते हैं।''शुबमन ने कहा कि दवाब से निकलने का तरीका युवा पाजी (युवराज सिंह) ने सिखाया। उन्होंने कहा कि युवी पाजी ने मुझे दबाव, शोहरत और सुर्खियों के बीच सामान्य बने रहने के लिए काफी सलाह दी। पंजाब टीम में मेरे सीनियर खिलाड़ी गुरकीरत सिंह मान ने काफी मदद की।