नई दिल्ली। राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी टीम के सहमालिक राज कुंद्रा ने सोमवार को कहा कि बीसीसीआई उन्हें बलि का बकरा बना रहा है। कुंद्रा के मुताबिक बीसीसीआई ने आईपीएल में सट्टेबाजी के अप्रत्यक्ष आरोपों के आधार पर उन्हें निलम्बित किया है, जो गलत है और वह इसका विरोध करते हैं।
ब्रिटिश नागरिक कुंद्रा ने कड़े शब्दों में जारी अपने बयान में कहा कि उन्हें भारतीय न्याय प्रणाली पर यकीन है और वह इस मामले में खुद को बेकसूर साबित करने तक लड़ाई जारी रखेंगे। बीसीसीआई ने सोमवार को कुंद्रा को स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच पूरी होने तक क्रिकेट सम्बंधित सभी गतिविधियों से निलम्बित कर दिया। बोर्ड ने यहां आयोजित आपात बैठक में यह निर्णय लिया।
दिल्ली पुलिस ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि कुंद्रा ने आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी की बात स्वीकार की थी। सबूतों के अभाव में हालांकि दिल्ली पुलिस कुंद्रा को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "राज कुंद्रा को जांच पूरी होने तक निलम्बित कर दिया गया है। वह बीसीसीआई या फिर राजस्थान रॉयल्स से जुड़ी क्रिकेट सम्बंधित किसी भी तरह की गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेंगे।"
कुंद्रा ने बिना किसी सबूत के आरोप लगाने को लेकर बोर्ड और मीडिया को आड़े हाथों लिया। कुंद्रा ने कहा, "जो लोग मुझे जानते हैं, उन्हें पता है कि खेल मेरा पहला प्यार है। राजस्थान रॉयल्स में मेरे सिर्फ 11.7 शेयर हैं और इसी तरह सुपर फाइट लीग में भी मेरी मामूली हिस्सेदारी है।" मैं कहना चाहता हूं कि जब खेलों के प्रति मेरी भावना पर किसी प्रकार का ठेस लगाया जाता है तो मुझे दुख होता है। मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और यह काम मजबूत पदों पर बैठे लोगों ने किया है। यह गलत है कि बिना सच्चाई जाने मुझे बलि का बकरा बनाया गया और मीडिया ने भी बिना सोचे-समझे मेरे खिलाफ मुहिम शुरू कर दी।कुंद्रा ने कहा कि एनआरआई होते हुए अगर वह सट्टेबाजी लगाना चाहते तो उनके लिए यह काम बहुत आसान था क्योंकि विदेश में रहकर वह आईपीएल मैचों पर सट्टा लगा सकते थे, जहां यह वैध है।