श्रीलंका ने पाकिस्तान को कोलंबो टेस्ट में सात विकेट से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सिरीज़ 2-0 से जीत ली है. अपनी ही धरती पर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ये उसकी पहली सिरीज़ जीत है.
मैच के तीसरे दिन पाकिस्तानी टीम अपनी दूसरी पारी में अच्छा खेल रही थी और लंच से पहले उसने केवल एक विकेट गंवाकर 285 रन बना लिए थे. लेकिन लंच के बाद पूरी टीम 320 रनों पर सिमट गई.
श्रीलंका के सामने जीत के लिए मात्र 171 रनों का लक्ष्य था जो उसने मात्र तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया और तीसरे दिन ही मैच अपने नाम कर लिया.
दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज़ वर्णपूरा ने 54 रन बनाए तो कप्तान कुमार संगकारा ने 46 रनों का योगदान दिया.
पाकिस्तान की दूसरी पारी में 23 वर्षीय फ़वाद आलम ने शानदार 168 रन बनाए और कप्तान यूनिस खान के साथ दूसरी विकेट के लिए 200 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की.
धराशायी हुई पारी
फ़वाद आलम ने श्रीलंकाई धरती पर किसी भी पाकिस्तानी बल्लेबाज़ की ओर से सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया. लेकिन इसके बाद पाकिस्तान ने केवल 35 गेंदों में अपने आख़िरी नौ विकेट सस्ते में गंवा दिए.
जीत के लिए आसान सा लक्ष्य श्रीलंका ने जल्द ही हासिल कर लिया.
दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में भी पाकिस्तानी बल्लेबाज़ी धराशायी हो गई थी. पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान की पूरी टीम 36 ओवरों में केवल 90 रन ही बना पाई थी. जबकि श्रीलंका ने पहली पारी में 240 रन बनाए थे.
श्रीलंका की ओर से स्पिनर मुरलीधरन मैच में नहीं खेल रहे थे लेकिन श्रीलंका को उनकी कमी ज़्यादा नहीं खली. रंगना हेरथ ने 99 रन देकर पाँच विकेट लिए जबकि कुलशेखरा ने कुल आठ विकेट लिए.
मैच के बाद श्रीलंकाई कप्तान संगकारा ने कहा, "ये जीत बहुत ख़ास है. दोनों टेस्ट मैच बहुत अच्छे रहे. हमारे लिए अहम बात ये रही कि जब भी किसी की ओर से अच्छे प्रदर्शन की ज़रूरत थी, कोई न कोई खिलाड़ी आगे आया. कुलशेखरा और हेरथ ने शानदार प्रदर्शन किया."
हाल ही में हुए ट्वेन्टी-20 विश्व कप के फ़ाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को हराया था. पाकिस्तान के कप्तान यूनिस खान ने टीम में बल्लेबाज़ी के बार-बार धराशायी होने पर अफ़सोस जताया.
उनका कहना था, इसी सिरीज़ में ये हमारे साथ तीन बार हुआ. ऐसे तो हम मैच नहीं जीत सकते. ये इसलिए हो रहा है क्योंकि हम आजकल ज़्यादा टेस्ट मैच नहीं खेल रहे.
पहला टेस्ट मैच श्रीलंका ने 50 रनों से जीत लिया था. तीसरा और आख़िरी मैच 20 जुलाई को होगा.