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रांची, 26 सितम्बर: भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी सुरक्षा खुद कड़ी करना चाहते हैं। एक पिस्टल होने के बावजूद वो दूसरी रखना चाहते हैं, वो भी 9 एम. एम. पिस्टल। 'प्रतिबंधित बोर' (पीबी) लाइसेंस के लिए उन्होंने आवेदन भी कर दिया है।
सरकार द्वारा मुहैया कराये गये जबरदस्त सुरक्षा घेरे के बावजूद धोनी पिस्टल रखना चाहते हैं। खास बात यह है कि उन्हें 'वाई' स्तर की सुरक्षा मिली हुई है। यह 'जेड' स्तर के बाद सबसे कड़ा सुरक्षा घेरा है। यही नहीं, धोनी के साथ महिला अंगरक्षक भी रहती हैं, ताकि महिला प्रशंसक उनके करीब न फटक सकें।
यही नहीं इतनी सुरक्षा के बावजूद उनके पास पहले से ही 'गैरप्रतिबंधित बोर' (एनपीबी) लाइसेंस है, जो उन्होंने 2006 में हासिल किया था। सरकार द्वारा पीबी लाइसेंस उन्हीं लोगों को दिया जाता है, जिन्हें इसकी सख्त जरूरत होती है।
रांची के उपमंडल अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि वो जरूरी कार्रवाई के बाद इसे उपायुक्त के पास भेज देंगे। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही धोनी को पीबी लाइसेंस मिलेगा।
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Story first published: Friday, September 26, 2008, 11:10 [IST]
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Sep 26, 2008