
पावरप्ले में दोहराते गये गलतियां
अबुधाबी के मैदान की बात करें तो यह पिच बल्लेबाजी के लिये काफी शानदार नजर आ रही थी, लेकिन साउथ अफ्रीका की टीम उसका फायदा नहीं सकी। साउथ अफ्रीकी टीम के सलामी बल्लेबाजों ने विस्फोटक शुरुआत करते हुए पहले ही ओवर में 11 रन बना डाले, हालांकि अगले ओवर में टेंबा बावुमा ग्लेन मैक्सवेल की फिरकी का शिकार होकर अपना विकेट खो बैठे। बावुमा के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आये वान डार दुसैं अगले ही ओवर में जोश हेजलवुड की गेंद का शिकार बने और साउथ अफ्रीका की टीम ने अपना दूसरा विकेट खो दिया। कोई भी टीम अगर शुरुआती ओवर में 2 विकेट खो दे तो बाकी के बल्लेबाज थोड़ा संभल कर खेलना चाहते हैं, हालांकि साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज ने विकेट संभालने के बजाय पावरप्ले का फायदा उठाने की ओर देखा जिसके चलते क्विंटन डिकॉक पांचवे ओवर में प्लेडॉन होकर वापस पवेलियन लौटे। अगर साउथ अफ्रीका की टीम यहां पर थोड़ा संभल कर खेलती तो बीच के ओवर्स में वो थोड़े और रन बना सकती थी, लेकिन रन बनाने की जल्दी में उसने अपने विकेट खो दिये जिसका दबाव मध्यक्रम की बल्लेबाजी पर देखने को मिला।

साझेदारियां करने में नहीं दिखाया उत्साह
पावरप्ले में 3 विकेट खो देने के बाद साउथ अफ्रीका की टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज ने थोड़ा संयम दिखाया और छोटी-छोटी साझेदारियां की। हेनरी क्लासेन और एडम मार्करम ने चौथे विकेट के लिये 23 रन जोड़े तो वहीं पर डेविड मिलर ने मार्करम के साथ 5वें विकेट के लिये 34 रनों की साझेदारी की। हालांकि यहां पर क्लासेन और डेविड मिलर ने खराब शॉट का चयन किया जिसके चलते दोनों आउट हो गये। जब क्लासेन आउट हुए तो उस वक्त अफ्रीका थोड़ा सा संभला ही था लेकिन उन्होंने वहां पर संभल कर खेलने के बजाय बड़ा शॉट खेलने का फैसला किया जिसका खामियाजा उन्हें अपने विकेट से भुगतना पड़ा। वहीं पर मिलर एडम जम्पा की गेंद को पढ़ पाने में नाकाम रहे जिसके चलते वो एलबीडब्लयू हो गये और पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढहने लगी। मध्यक्रम के ज्यादा बड़ी साझेदारी न कर पाने की वजह से पूरी टीम 118 रन पर ही सिमट गई।

कैच पकड़ते तो जीत जाते मैच
पहली पारी में बेहद खराब स्कोर बनाने के बावजूद साउथ अफ्रीका की टीम ने शानदार गेंदबाजी की और आसान से लक्ष्य को हासिल करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम अचानक दबाव में पहुंच गई। 15वें ओवर तक ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिये ग्लेन मैक्सवेल (18) और स्टीव स्मिथ (35) ने संभलकर बल्लेबाजी कर जीत की ओर ले जा रहे थे कि तभी नॉर्खिया ने स्मिथ का विकेट चटका दिया। वहीं अगले ओवर में तबरेज शम्सी ने मैक्सवेल का विकेट लेकर दोनों सेट बल्लेबाजों को वापस पवेलियन भेज दिया। यहां से साउथ अफ्रीकी टीम के गेंदबाजों ने वापसी कराने का कारनामा किया और उस स्थिति में पहुंचा दिया जहां पर ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिये 12 गेंद में 18 रन की दरकार थी। नॉर्खिया 19वां ओवर करने आये थे जिन्होंने दूसरी ही गेंद पर अपनी गेंद पर विकेट लपक लिया था लेकिन गेंद उनके हाथ में लगकर सीधे निकल गई और यह कैच ड्रॉप टीम को काफी भारी पड़ा। मार्कस स्टॉयनिस ने इसके बाद 3 चौके लगाकर अपनी टीम को आसानी से जीत दिला दी।


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