नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर हैरान हैं कि रविचंद्रन अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन से लगातार बाहर क्यों रखा जा रहा है और कहा कि यह जांच का विषय बन गया है। अश्विन आखिरी बार जून में साउथेम्प्टन में रोज बाउल में न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के दौरान भारत के लिए खेले थे। तब से, उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई है।
वह इंग्लैंड दौरे के लिए टीम का हिस्सा थे, लेकिन उनकी अनदेखी की जाती रही। इसके अलावा, अश्विन को टीम का हिस्सा होने के बावजूद 2021 टी 20 विश्व कप में एक भी मैच खेलने को अभी नहीं मिला है। अश्विन ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो अभ्यास मैच खेले थे और दो विकेट लिए थे। हालांकि, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के सुपर 12 मैचों में, वह प्लेइंग इलेवन में नहीं दिखे। वेंगसरकर ने कहा कि यह एक रहस्य है कि अश्विन को एक वरिष्ठ सदस्य होने और सभी प्रारूपों में भारत के शीर्ष विकेट लेने वालों में से एक होने के बावजूद मैच खेलने को क्यों नहीं मिला।
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पूछा- फिर उसे चुनते ही क्यों हो
वेंगसरकर को स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए कहा, "अश्विन को इतने लंबे समय के लिए क्यों बाहर बैठाया जा रहा है? यह एक जांच का विषय है। सभी प्रारूपों में वह 600 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विकेटों के साथ आपका सर्वश्रेष्ठ स्पिनर है। वह आपका सबसे सीनियर स्पिनर भी है और आप उसे नहीं चुनते हैं। मैं ये समझ नहीं पा रहा हूं। उन्होंने इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में भी एक भी मैच नहीं खेला। फिर आप उसे चुनते ही क्यों हो? यह मेरे लिए एक रहस्य है।"
वेंगसरकर विश्व कप में भारतीय क्रिकेटरों की 'बॉडी लैंग्वेज' से भी निराश थे। वेंगसरकर ने कहा, "टीम रंगीन दिख रही थी और खिलाड़ी थके हुए लग रहे थे। मुझे नहीं पता कि यह बायो बबल थकान है या कुछ और, मैंने लंबे समय से खिलाड़ियों में ऐसी बॉडी लैंग्वेज नहीं देखी है।" मेगा इवेंट में भारत का अब तक का समय बहुत खराब रहा है। विराट कोहली एंड कंपनी वर्तमान में -1.609 के नेट रन रेट के साथ ग्रुप 2 में अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। उनका अगला मुकाबला बुधवार, 3 नवंबर को अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में मोहम्मद नबी के अफगानिस्तान से होगा। अगर भारत मैच हार जाता है, तो वे आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगे।