अच्छा है भारत के लिये पाकिस्तान से हारना, टी20 विश्वकप में विराट सेना के लिये शुभ संकेत
नई दिल्ली। यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्वकप का अपना पहला मैच खेलने उतरी भारतीय टीम को दुबई के मैदान पर हार का सामना करना पड़ा है। भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गये इस महामुकाबले में बाबर आजम की कप्तानी वाली टीम ने विराट सेना को चारों खाने चित्त कर दिया और टी20 क्रिकेट में भारत के खिलाफ सबसे बड़ी जीत हासिल की। दुबई में खेले गये इस मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 151 रनों का स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम ने बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की सलामी जोड़ी के दम पर 10 विकेट से जीत हासिल की। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिये यह भारत के खिलाफ किसी भी विश्वकप में पहली जीत है।
टी 20 विश्वकप के अपने ओपनिंग मैच में भारत की हार से जहां फैन्स काफी दुखी नजर आ रहे हैं, तो वहीं पर सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स का जमघट लगा हुआ है, जो कि हार के लिये भारतीय खिलाड़ियों को दोषी ठहरा रहे हैं। हालांकि भारत के लिये टी20 विश्वकप के पहले मैच में हारना शुभ संकेत हो सकता है और 8 सालों से खिताब का इंतजार कर रहे भारतीय फैन्स के लिये खुशखबरी ला सकता है।
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लगातार मैच जीतना रहा है नॉकआउट में हारने की वजह
उल्लेखनीय है कि भारतीय क्रिकेट टीम साल 2013 के बाद से अब तक एक भी आईसीसी खिताब नहीं जीत सकी है, हालांकि उसने लगभग हर आईसीसी टूर्नाममेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम के लिये 2014 टी20 विश्वकप से लेकर 2019 विश्वकप तक की यही कहानी रही है, जिसमें उसने हमेशा शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन नॉकआउट स्टेज में हारकर मैदान से बाहर हो गई है। भारत ने 2014 टी20 विश्वकप के हर मैच में जीत हासिल की थी लेकिन फाइनल में श्रीलंका के हाथों हार के चलते उसे बाहर होना पड़ा, वहीं 2015 वनडे विश्वकप तक वो लगातार मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंची थी, लेकिन उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। कुछ ऐसा ही हाल 2016 के टी20 विश्वकप में भी रहा, जहां पर वेस्टइंडीज ने सेमीफाइनल मैच में हराया था, तो वहीं 2017 की चैम्पियन्स ट्रॉफी में पाकिस्तान ने फाइनल में मात दी थी। 2019 विश्वकप में भारत को न्यूजीलैंड ने बाहर का रास्ता दिखाया था। इन सभी टूर्नामेंट में खास बात यह रही थी ज्यादातर कैंपेन में भारत बिना कोई मैच हारे नॉकआउट स्टेज पर पहुंचा था जिसके चलते उसे टूर्नामेंट में मिली एक हार बाहर का रास्ता दिखा दे रही थी।

विश्वकप के शुरुआती मैचों में हार भारत के रही है लकी
वहीं भारत के खिताबी जीत के इतिहास पर नजर डालें तो भारत ने जिन भी आईसीसी टूर्नामेंट में जीत हासिल की है ज्यादातर मौकों पर उसे सुपर ग्रुप स्टेज कम से कम एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। 1983 विश्वकप में भारत को वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के हाथों ग्रुप स्टेज पर हार मिली थी, तो वहीं पर 2007 टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड ने हराया था। 2011 विश्वकप में साउथ अफ्रीकी टीम ने मात दी थी। 2019 विश्वकप की बात करें तो वो राउंड रॉबिन फॉर्मेट में था जिसमें इंग्लैंड के हाथों जरूर हार मिली थी लेकिन राउंड रॉबिन फॉर्मेट में भारत का रिकॉर्ड हमेशा से खराब रहा है। ऐसे में जब भारतीय टीम को टी20 विश्वकप 2021 में सुपर 12 स्टेज के पहले मैच में ही हार मिल गई है तो हो सकता है कि किस्मत फिर से भारत के पक्ष में नजर आये और वो अपने खिताबी सूखे को मिटाये।

विराट सेना के लिये साबित होगी वेकऑप कॉल
गौरतलब है कि विश्वकप के पहले मैच में ही मिली इतनी बड़ी हार भारतीय टीम के लिये वेकअप कॉल साबित हो सकती है, जिसके बाद विराट सेना अपनी गलतियों पर गौर खामियों को दूर करने पर काम कर सकती है और बाकी मैचों में जीत हासिल कर, सेमीफाइनल में पहुंच सकती है। आपको बता दें कि भारतीय टीम को अपना अगला मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ 31 अक्टूबर (रविवार) को दुबई के मैदान पर ही खेलना है। ऐसे में भारतीय फैन्स उम्मीद करेंगे कि विराट सेना जीत के साथ वापसी करे।
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