OMG : दुनिया का इकलाैता गेंदबाज, जिसने एक टेस्ट की दोनों पारियों में ली हैट्रिक
नई दिल्ली। क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां आए दिन रिकाॅर्ड बनते रहते हैं तो कई टूटते रहते हैं। बल्लेबाज हो या फिर गेंदबाज, जिसका सिक्का चल गया वो अपने नाम कुछ ऐसी उपलब्धि हासिल कर लेता है जिसे फिर लंबे समय तक याद रखा जाता है। उदाहरण के ताैर पर विंडीज के पूर्व महान बल्लेबाज ब्रायन लारा द्वारा टेस्ट मैच में खेली गई 400 रनों की रिकाॅर्ड पारी। वहीं एक ऐसा गेंदबाज भी रहा है जिसने टेस्ट की दोनों पारियों में हैट्रिक लेने का विश्व रिकाॅर्ड बनाया हुआ है। यह गेंदबाज है ऑस्ट्रेलिया के पूर्व लेग स्पिनर जिमी मैथ्यूज।
जहां गेंदबाज एक हैट्रिक लेने का सपना पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं तो वहीं मैथ्यूज हैं जिन्होंने एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में हैट्रिक लेने का अद्भुत रिकाॅर्ड अपने नाम कर लिया। मैथ्यूज का जन्म 3 अप्रैल 1884 को साउथ ऑस्ट्रेलिया के माउंट गैंबियर में हुआ था। उन्होंने विक्टोरिया के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट के साथ अपनी शुरुआत की। 1906 में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलना शुरू किया था और 6 साल बाद यानी कि 1912 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला और एडीलेड में उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरूआत हुई थी।
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बिना किसी फील्डर की मदद से लिए थे विकेट
जिमी मैथ्यूज ने यह करिश्मा 109 साल पहले बनाया था, जो आज तक बरकरार है। मैथ्यूज ने 1912 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक टेस्ट मैच में ये कमाल किया थ। उस मैच में मैथ्यूज ने 6 विकेट लिए थे। खास बात यह थी कि उन्होंने ये सभी विकेट बिना किसी फील्डर की मदद के लिए थे। दरअसल, उन्होंने दो बल्लेबाजों को बोल्ड आउट किया था, दो बल्लेबाजों को एलबीडब्ल्यू और 2 बल्लबाजों को खुद कैच आउट कर पवेलियन भेजा था। हालांकि मैथ्यूज का क्रिकेट करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा, क्योंकि 8 टेस्ट मैच ही खेल सके, जिसमें 16 विकेट शामिल रहे।

पहली पारी में ऐसे की पूरी हैट्रिक
मैथ्यूज को 1912 में इंग्लैंड दाैरे के लिए चुना गया था, जहां त्रिकोणीय टेस्ट सीरीज होनी थी। जहां इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका के अलावा ऑस्ट्रेलिया भी थी। ऑस्ट्रेलिया के लिए पहले दो टेस्ट में मैथ्यूज ने सिर्फ एक ही विकेट मिला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन का फायदा ये हुआ कि उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया। 27 मई को ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में टेस्ट मैच हुआ। यही वो मैच था जिसमें मैथ्यूज ने दो बार हैट्रिक लेने का काम किया। मैच की बात करें तो खेल के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार्ल्स कैलवे के शतक (114) की मदद से 448 रन बनाए थे। जवाब में दूसरे दिन 28 मई को बिल व्हिटी ने 5 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका की पहली पारी झकझोर दी थी। साथ ही मैथ्यूज ने हैट्रिक पूरी की। अफ्रीकी टीम का स्कोर 7 विकेट पर 265 रन था, बचे उनके आखिरी तीन विकेट मैथ्यूज लगातार तीन ही गेदों पर चटका लिए। उन्होंने पहले रॉलेंड ब्यूमॉन्ट को बोल्ड किया। फिर अगली ही गेंद पर सिड पेगलर को एलबीडब्लू आउट किया। इसके बाद आखिरी बल्लेबाज के तौर पर आए विकेटकीपर टॉमी वार्ड हैट्रिक को भी एल्बीडब्ल्यू आउट कर अफ्रीकी पारी 265 पर ही ढेर कर दी, साथ ही पहली हैट्रिक भी पूरी कर ली।

फिर उसी दिन दूसरी हैट्रिक भी ली
सिर्फ 265 रनों पर पहली पारी आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने फॉलोऑन दिया और दूसरे ही दिन साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी शुरू हुई। इस बार चार्ल्स कैलवे ने शानदार गेंदबाजी की, जिन्होंने 4 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका के सिर्फ 70 रन पर 6 विकेट गंवा दिए। लेकिन असली खेल दिखना बाकी था। मैथ्यूज ने फिर हैट्रिक पूरी कर साउथ अफ्रीका की हार पक्की कर दी। उन्होंने पहले हर्बी टेलर को बोल्ड किया और फिर रेगे श्वार्ज और टॉमी वार्ड को अपनी ही गेंदों पर कैच लपक कर आउट किया, साथ ही एक ही मैच में दूसरी हैट्रिक पूरी कर नया इतिहास रच दिया था। इसी के साथ मैथ्यूज क्रिकेट इतिहास में इकलौते ऐसे गेंदबाज बने, जिसने टेस्ट क्रिकेट की दोनों पारियों में और एक ही दिन में दो टेस्ट हैट्रिक ली। हालांकि इस दाैरे के बाद उनका टेस्ट करियर खत्म हो गया था।
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