नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी से जब से टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है तब से ही मीडिया में कई तरह की खबरें आ रही हैं। मसलन टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री का धोनी से ज्यादा विराट कोहली के नजदीक होना और विराट और धोनी के बीच अच्छे संबंध ना होना, वगैरह वगैरह।
लेकिन इन सारी बातों पर से पर्दा उठाया है खुद टीम इंडिया के डायरेक्टर रवि शास्त्री ने, जिन्होंने एक हिंदी अखबार से बात करते हुए कहा कि जो भी बातें मीडिया में प्रसारित हो रही हैं वो सब बेबुनियाद है। कुछ लोग फालतू में ड्रेसिंग रूम की फिल्मी स्क्रिप्ट लिख रहे हैं जिसमें तनिक मात्र भी सच नहीं है। विराट और धोनी बहुत अच्छे प्लेयर हैं और अपने-अपने क्षेत्र के महारथि हैं।
धोनी टीम में काफी समय से हैं तो विराट को आये टीम में मात्र पांच साल हुए हैं। दोनों के बीच में एक-दूसरे के प्रति काफी सम्मान है। इसलिए जो लोग यह कह रहे हैं कि धोनी के संन्यास के पीछे कोहली का हाथ हैं वो लोग गलत बाते कह रहे हैं। सच तो यह है कि धोनी के संन्यास से विराट का कोई लेना-देना नहीं है। टेस्ट मैच से संन्यास लेना धोनी का निजी फैसला है, जिसका हमें सम्मान करना चाहिए।
शास्त्री ने कहा कि धोनी ने अपने इस फैसले से अपने आप को महान साबित कर दिया है। उन्होंने कभी भी 100 टेस्ट मैच खेलने का लालच कभी नहीं दिखाया, न ही किसी तरह कै कोई रिकॉर्ड बनाने की उनकी इच्छा थी। उनके दिल ने कहा कि वो अब टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहते तो उन्होंने वो बात मान ली।