स्टेडियम में भी एमसीए की तैयारियों आधी-अधूरी दिखाई दे रही हैं। सचिन के 51 टेस्ट शतकों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए स्कोर के साथ उनकी तस्वीरें स्टेडियम हर ओर लगाई गई हैं लेकिन ये तस्वीरें इतनी ऊंचाई पर लगी हैं कि बड़ी मुश्किल से दिखाई पड़ रही हैं। हां, उनके बगल में फेयर एंड लवली का जो विज्ञापन लगा है, उस पर सचिन से अधिक विराट कोहली चमक रहे हैं।
मरीन ड्रॉइव या फिर चर्चगेट रेलवे स्टेशन से स्टेडियम की ओर आने वाले रास्तों पर किसी प्रकार का माहौल नहीं है। इतना जरूर है कि स्टेडियम के बाहर की हलचल के कारण ट्रैफिक जरूर रुक सा गया है। गुरुवार को स्टेडियम के सामने वाला डी-रोड पूरी तरह बंद रहेगा। मरीन ड्राइव पर हर दिन की तरह चहल-पहल है लेकिन क्रिकेट और सचिन को लेकर कम ही चर्चा है। एक किनारे टेलीविजन चैनलों के ओबी वैन लगे हैं और उन्हीं के आसपास लोगों का इंटरव्यू लिया जा रहा है। आम लोगों के बीच इस मैच को लेकर जबरदस्त उत्साह है लेकिन यह उत्साह इस कारण कम हो गया है क्योंकि इस हाई प्रोफाइल मैच के कारण आम लोगों के लिए सिर्फ पांच हजार टिकट जारी किए गए हैं और उनकी लूट हो चुकी है। इसके उलट सीएबी ने लगभग 25 हजार टिकट आम लोगों के लिए जारी किए थे।
मैच से एक दिन पूर्व टीम इंडिया ने दोपहर में अभ्यास किया और लगभग 1 बजे होटल रवाना हो गई। इसके बाद वानखेड़े स्टेडिमय में ठाकरे परिवार के स्वागत की तैयारियां शुरू हो गईं क्योंकि स्टेडियम के प्रेस बॉक्स का नाम बालासाहेब ठाकरे के नाम पर रख दिया गया । प्रेस बॉक्स के बाहर बालासाहेब की एक तस्वीर लगाई गई है, जिसका अनावरण उनके पुत्र उद्धव ठाकरे ने किया। उद्धव के साथ उनके पुत्र आदित्य ठाकरे और बीसीसीआई के पूर्व प्रमुख और मुम्बई क्रिकेट संघ के मौजूदा अध्यक्ष शरद पवार भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम के दौरान पूरा स्टेडिमय ठाकरेमय हो गया और सचिन को एक पल के लिए उनका ही शहर भूल गया।